रामनगर (नैनीताल): देश-दुनिया में प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के जंगलों और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा (01 जून 2026 से 15 जून 2026) के तहत गुरुवार, 4 जून 2026 को सर्पदुली रेंज के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र ढिकुली में एक वृहद सफाई अभियान का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग 309 (NH-309) के समीप बिखरे पड़े भारी मात्रा में कूड़े-कचरे और प्लास्टिक वेस्ट को साफ किया गया। अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने एकजुट होकर श्रमदान किया।

सिंगल-यूज प्लास्टिक के उन्मूलन पर विशेष जोर
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ढिकुली क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ बनाना और स्थानीय नागरिकों सहित बाहर से आने वाले पर्यटकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। अभियान के दौरान सबसे अधिक ध्यान सिंगल-यूज प्लास्टिक के उन्मूलन और गीले-सूखे कूड़े के वैज्ञानिक तरीके से सही निस्तारण पर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कॉर्बेट का यह सीमावर्ती क्षेत्र वन्यजीवों की आवाजाही के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, इसलिए यहां प्लास्टिक कचरे का जमा होना पर्यावरण और वन्यजीवों दोनों के लिए बेहद खतरनाक है।
दैनिक दिनचर्या में शामिल करनी होगी स्वच्छता
कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्राधिकारी सर्पदुली संजय कुमार पाण्डे ने उपस्थित ग्रामीणों, व्यापारियों और जनसामान्य को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक दिन का कार्य या महज एक औपचारिकता नहीं है। इसे हमें अपनी दैनिक दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा। जब तक हर नागरिक अपने घर और प्रतिष्ठान के आसपास सफाई रखने के प्रति सचेत नहीं होगा, तब तक पर्यावरण को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया जा सकता। अभियान के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को अपने घर, दुकान और आसपास के परिवेश को साफ-सुथरा रखने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियानों में पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।

प्लास्टिक से वन्यजीवों और पर्यावरण को गंभीर खतरा
अभियान के दौरान वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी ने प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग से होने वाले दूरगामी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण बुरी तरह प्रदूषित हो रहा है। जंगलों के आसपास प्लास्टिक मिलने से वन्यजीवों द्वारा इसे खा लेने का खतरा रहता है, जो उनके लिए जानलेवा साबित होता है। इसके अलावा प्लास्टिक के कारण मानव स्वास्थ्य समस्याएं, जल निकासी में बाधाएं और भूमि में इसके सड़ने से निकलने वाली विषैली गैसों जैसी गंभीर चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे प्लास्टिक की थैलियों का पूरी तरह त्याग करें और बाजार जाते समय हमेशा कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करें।

4 क्विंटल प्लास्टिक कचरा एकत्रित, ‘वेस्ट वारियर’ को सौंपा
इस वृहद सफाई अभियान में कुल 55 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने मिलकर ढिकुली और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास से लगभग 04 क्विंटल (400 किलोग्राम) प्लास्टिक कूड़े को एकत्रित किया। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इस भारी मात्रा में एकत्रित कचरे को तत्काल निस्तारण हेतु ‘वेस्ट वारियर’ संस्था को सौंप दिया गया, ताकि इसका रीसाइक्लिंग और सुरक्षित प्रबंधन किया जा सके।

अभियान में इन प्रमुख लोगों ने किया प्रतिभाग
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के मीडिया सेल से मिली जानकारी के अनुसार, इस गरिमामयी और प्रभावी कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी सर्पदुली संजय कुमार पाण्डे, उपराजिक जितेन्द्र सिंह नेगी, वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी, वन दरोगा मुकेश सिंह, जगदीश चन्द्र आर्या, पंकज रावत, वन आरक्षी अश्वनी कुमार, ढिकुली के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, जगदीश छिम्वाल, ईडीसी अध्यक्ष ढिकुली राजेन्द्र छिम्वाल, होटल एसोसिएशन प्रतिनिधि अजय करीर, राजेन्द्र लार्ड, वेस्ट वारियर से भुवन, वीपीएफओ से प्रियंका रावत सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रतिभाग कर इस अभियान को सफल बनाया।