हरिद्वार (लक्सर): Uttarakhand के हरिद्वार जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र में बीते 12 जुलाई की रात एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस जघन्य अपराध को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था। अब इस पूरे मामले में हरिद्वार पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने आज, यानी 18 जुलाई को इस सनसनीखेज गैंगरेप कांड का न सिर्फ पर्दाफाश किया, बल्कि घटना में शामिल सभी 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी लक्सर के फुलगढ़ गांव के रहने वाले हैं।
क्या थी पूरी घटना? पुलिस ने दी जानकारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन इस पर लगातार नजर बनाए हुए था। पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 13 जुलाई को हुई, जब नाबालिग पीड़िता के पीड़ित पिता ने पथरी थाने में एक लिखित तहरीर दी थी।
तहरीर में पिता ने बताया था कि 12 जुलाई की देर शाम उनकी नाबालिग बेटी अपने एक दोस्त के साथ किसी जरूरी काम से बाइक पर सवार होकर बाहर गई थी। जब वे दोनों रास्ते में थे, तभी फुलगढ़ के पास सुनसान जंगली इलाके में पहले से घात लगाए बैठे चार से पांच युवकों ने उनकी बाइक को जबरन रोक लिया।
दोस्त के साथ मारपीट कर जंगल में ले गए दरिंदे, नशे में थे आरोपी
पीड़िता के पिता और स्वयं पीड़िता द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, बाइक रोकने के बाद आरोपियों ने दबंगई दिखाते हुए नाबालिग के दोस्त के साथ बुरी तरह मारपीट की। जब दोस्त बेदम हो गया, तो आरोपी नाबालिग पीड़िता को जबरदस्ती खींचकर घने जंगलों के भीतर ले गए। वहां आरोपियों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में उस खौफनाक रात का जिक्र करते हुए बताया कि सभी आरोपी भारी नशे में धुत थे। वे आपस में बात कर रहे थे कि पीड़िता को पूरी रात उसी जंगल में बंधक बनाकर रखना है। आरोपियों के इस खौफनाक इरादे को भांपकर पीड़िता ने अपनी जान और आबरू बचाने की हिम्मत जुटाई। देर रात जब आरोपियों का ध्यान थोड़ा भटका, तो पीड़िता मौका पाकर गंभीर और नग्नावस्था में वहां से जान बचाकर भाग निकली।
महिला ने बचाई लाज, ऐसे घर पहुंची पीड़िता
जंगल से किसी तरह भागकर पीड़िता पास के ही एक रिहायशी इलाके में स्थित एक घर में दाखिल हुई। उस घर में मौजूद एक सहृदय महिला ने पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखा और तुरंत उसे पहनने के लिए कपड़े दिए। इसके बाद पीड़िता किसी तरह रोते-बिलखते अपने घर पहुंची और अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। वारदात की गंभीरता को समझते हुए परिजनों ने तुरंत पुलिस की शरण ली और आरोपियों के खिलाफ सख्त तहरीर दी।
6 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद दबोचे गए सभी आरोपी
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही हरिद्वार पुलिस और खुफिया तंत्र आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रहा था। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए पुलिस की कई टीमें फुलगढ़ और आसपास के इलाकों में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। शुरुआत में आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचते रहे, लेकिन 18 जुलाई को मुखबिर तंत्र और सटीक सुरागों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सभी छह नामजद और संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची:
- महेश उर्फ मंत्री (उम्र 29 वर्ष) – मुख्य आरोपियों में शामिल
- मोहित कुमार (उम्र 25 वर्ष)
- सुमित (उम्र 25 वर्ष)
- आशु (उम्र 22 वर्ष)
- शुभम (उम्र 22 वर्ष)
- आकाश (उम्र 23 वर्ष)
पुलिस के अनुसार, ये सभी 6 आरोपी ग्राम फुलगढ़, थाना पथरी, जिला हरिद्वार के ही मूल निवासी हैं। इन सभी की उम्र 22 से 29 वर्ष के बीच है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
हरिद्वार पुलिस ने अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए इस मामले में नई कानूनी व्यवस्था यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की बेहद गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 137(2), 70(2), 78(2), 65(1) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 3(क), 4(2),(ड), (जी) और धारा 6 के तहत कानूनी शिकंजा कसा है। पुलिस द्वारा सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहाँ से उन्हें जेल भेजने की तैयारी है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का सख्त बयान
इस संवेदनशील मामले का खुलासा होने के बाद हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने मीडिया को बताया कि महिलाओं और विशेषकर नाबालिग बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर हरिद्वार पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।
एसएसपी भुल्लर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “नाबालिग से दुष्कर्म जैसे जघन्य और घृणित मामलों में किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मैंने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की विवेचना (Investigation) को जल्द से जल्द और पूरी पारदर्शिता के साथ मुकम्मल किया जाए। बहुत जल्द पुलिस कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करेगी। इसके साथ ही, अदालत में इस केस की अत्यंत प्रभावी पैरवी की जाएगी ताकि इन सभी दरिंदों को उनके किए की कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके और पीड़िता को न्याय मिल सके।”