रामनगर: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Corbett Tiger Reserve) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कॉर्बेट के सर्पदुली रेंज में जंगल की गश्त से लौट रहे वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी श्रमिक पर बाघ ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। बाघ के इस हमले में श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और साथ मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए बाघ को खदेड़ा। घायल को तत्काल रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
गश्ती दल के रेस्ट हाउस पहुँचने से ठीक पहले हुआ हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, कॉर्बेट नेशनल पार्क की सर्पदुली रेंज में वनकर्मियों और दैनिक श्रमिकों का एक दल रोजाना की तरह जंगल में नियमित गश्त (Patrolling) पर निकला था। जब गश्ती दल अपनी ड्यूटी पूरी कर सर्पदुली रेस्ट हाउस के पास पहुंचने ही वाला था, तभी झाड़ियों में पहले से घात लगाकर बैठे एक बाघ ने अचानक हमला बोल दिया।

बाघ ने सीधे गश्ती दल में शामिल दैनिक श्रमिक पीतांबर को अपना निशाना बनाया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, गश्ती दल में शामिल अन्य कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत अपनी लाठियां फटकारीं और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। कर्मचारियों के कड़े प्रतिरोध और शोर की वजह से बाघ पीतांबर को छोड़कर जंगल के घने इलाके की तरफ भाग खड़ा हुआ।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार, हायर सेंटर रेफर
बाघ के भागने के तुरंत बाद बाकी कर्मचारियों ने लहूलुहान अवस्था में जमीन पर पड़े पीतांबर को संभाला। घटना की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी गई और घायल श्रमिक को अविलंब रामनगर के संयुक्त अस्पताल लाया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने पीतांबर का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन बाघ के हमलों से आई गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने की वजह से उसकी स्थिति को चिंताजनक बताया। इसके बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञ देखभाल के लिए उसे उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) रेफर कर दिया गया है।
घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप, निगरानी बढ़ाई गई
घटना की सूचना मिलते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और स्थानीय वन विभाग के उच्च अधिकारी मौके और अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घटना का जायजा लिया और घायल श्रमिक के इलाज की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
इस घटना के बाद से सर्पदुली रेंज और आसपास के गश्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों को जंगल में गश्त के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने और समूहों में रहने के निर्देश दिए हैं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चिंताएँ
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों विशेषकर बाघ और हाथियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही जंगल के अंदरूनी इलाकों में गश्त करने वाले वनकर्मियों और आसपास के सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
जंगल की सुरक्षा में तैनात दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात गश्त करते हैं। सर्पदुली रेंज की इस घटना ने एक बार फिर गश्ती दलों की सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन सहायता सुविधाओं और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित कर दिया है।
स्थानीय प्रशासन और पार्क प्रबंधन का कहना है कि बाघ के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए संबंधित क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है तथा आसपास के गश्ती दलों को सतर्क रहने को कहा गया है। घायल श्रमिक के परिजनों को विभाग की ओर से नियमानुसार हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।