अल्मोड़ा।नववर्ष के स्वागत में जहां देशभर में जश्न का माहौल था, वहीं उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड में साल की आखिरी रात एक परिवार और पूरे गांव के लिए काल बनकर आई। 31 दिसंबर की रात खोल्यों–टोटाम गांव में एक महिला बाघ के हमले में मारी गई, जिससे क्षेत्र में सनसनी और दहशत फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला देर रात किसी आवश्यक कार्य से अपने घर के समीप बाहर निकली थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने और मौके पर पहुंचने से पहले ही बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। घटना की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सघन तलाश अभियान शुरू किया। कुछ समय बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की गंभीर तस्वीर पेश करता है। आए दिन जंगली जानवरों का आबादी वाले इलाकों में प्रवेश लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है, जबकि स्थायी समाधान अब भी चुनौती बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने प्रभावित क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने और आदमखोर बाघ की पहचान कर उसे सुरक्षित रूप से जंगल या अन्य सुरक्षित क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की भी मांग उठी है।
नववर्ष की इस दर्दनाक शुरुआत ने एक बार फिर प्रशासन और वन विभाग के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कब और कैसे ठोस व प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
वन विभाग सतर्क, पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाए गए
मामले में डीएफओ दीपक कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है। बाघ को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए गए हैं, वहीं क्षेत्र में कैमरा ट्रैप भी स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है और टीम द्वारा नियमित गश्त की जा रही है। बाघ की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
