वन एवं वन्यजीव सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को लेकर वन विभाग अलर्ट, मेटल डिटेक्टर से हुई जांच
संदिग्धों से पूछताछ और पहचान पत्रों का सत्यापन; सुरक्षा इकाई टीम रही मुस्तैद
रामनगर (उत्तराखंड): उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को पुख्ता करने के साथ-साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के उद्देश्य से एक बड़ा अभियान चलाया गया है। कार्यालय फील्ड डायरेक्टर, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। इसी कड़ी में बिजरानी और सर्पदुली रेंज सहित सुरक्षा इकाई टीम द्वारा विभिन्न सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर एक विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिससे वन्यजीव तस्करों और अवैध गतिविधियों में लिप्त रहने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर मेटल डिटेक्टर से जांच
यह विशेष चेकिंग अभियान पार्क वार्डन व उप प्रभागीय वनाधिकारी बिजरानी, दिन्दर पाल के कुशल निर्देशन में आज दिनांक 23 मई 2026 को आयोजित किया गया। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सुरक्षा टीम ने स्थानीय रेलवे स्टेशन और बस अड्डों को केंद्र में रखकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा बलों और वन कर्मियों ने आधुनिक मेटल डिटेक्टर उपकरणों का उपयोग किया। स्टेशन और बस अड्डों पर आने-जाने वाले यात्रियों, संदिग्ध सामानों और वहां खड़े वाहनों की बारीकी से जांच की गई।

अस्थायी तंबू और डेरों की सघन तलाशी
अभियान को केवल सार्वजनिक परिवहन केंद्रों तक ही सीमित नहीं रखा गया, बल्कि सुरक्षा टीम ने रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों का भी रुख किया। रेलवे स्टेशन के किनारे और आस-पास के खुले मैदानों में अस्थाई तंबू तथा डेरे लगाकर रह रहे व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। वन विभाग की टीम ने इन डेरों में रहने वाले लोगों से सघन पूछताछ की और उनके मूल पहचान पत्रों (आईडी प्रूफ) की गहनता से जांच की। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर उनके डेरों की भी पूरी तरह से तलाशी ली गई ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या वन्यजीव शिकार से जुड़े औजारों की मौजूदगी का पता लगाया जा सके। हालांकि, इस सघन तलाशी और चेकिंग अभियान के दौरान टीम को किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या संदिग्धता नहीं पाई गई, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण और सुरक्षा पर जोर
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के आकस्मिक और सघन अभियानों का मुख्य उद्देश्य वनाग्नि सुरक्षा, वन संपदा का संरक्षण, वन्यजीवों के अवैध शिकार पर पूरी तरह रोक लगाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना है। गर्मियों के मौसम में वनाग्नि का खतरा बढ़ जाता है और इस दौरान जंगलों के आसपास मानवीय दखल बढ़ने से वन्यजीवों और इंसानों के बीच टकराव की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में जंगलों की सीमाओं और प्रवेश मार्गों पर कड़ी निगरानी रखना बेहद आवश्यक हो जाता है।
अभियान में शामिल टीम
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व द्वारा चलाए गए इस विशेष सघन चेकिंग अभियान में वन विभाग और सुरक्षा इकाई के कई अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से मुस्तैद रहे। इस पूरी कार्रवाई के दौरान बिजरानी रेंज से वन दरोगा दर्शन सिंह बिष्ट, वन आरक्षी संदीप सिंह, वन आरक्षी पंकज रावत, एसटीपीएफ (स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) सुरक्षा इकाई से महेश सिंह बीड़ाई और श्रमिक मनोज कुमार सहित पूरी टीम ग्राउंड पर सक्रिय भूमिका में रही। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के मीडिया सेल ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की चेकिंग और गश्त अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि पार्क की सुरक्षा में कोई चूक न हो सके।