देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले से इस वक्त की एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। चकराता क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोलकर हाल ही में सुर्खियों में आने वाले वन विभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) राजीव नयन नौटियाल अब खुद एक बेहद गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। एक युवती द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर देहरादून की विकासनगर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है।
धोखे से शादी और यौन शोषण का है सनसनीखेज आरोप
यह पूरा मामला धोखे से शादी करने, वैवाहिक स्थिति छिपाने और शारीरिक व यौन शोषण से जुड़ा हुआ है। पीड़िता ने विकासनगर कोतवाली में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वन अधिकारी राजीव नयन ने उन्हें अपनी पिछली शादियों के बारे में गुमराह किया और गलत जानकारियां दीं। शिकायत के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने पहली शादी और उसके बाद हुए तलाक की बात पूरी तरह से छिपाई। इसके साथ ही, अपनी दूसरी पत्नी से चल रहे विवाद और तलाक के मामले में पीड़िता को धोखे में रखने के लिए कथित तौर पर तलाक के फर्जी दस्तावेज दिखाए। पीड़िता का आरोप है कि इन्हीं जाली कागजातों और शादी का झांसा देकर उनका लंबे समय तक यौन शोषण किया गया।
पुलिस ने रात को घर से किया गिरफ्तार, भेजी गईं सलाखें
मामले की संवेदनशीलता और एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) से जुड़े होने के कारण विकासनगर पुलिस ने तहरीर मिलते ही बिना किसी देरी के विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। विकासनगर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) शिशुपाल राणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीती रात आरोपी एसडीओ राजीव नयन नौटियाल के आवास पर दबिश दी और उन्हें उनके घर से ही गिरफ्तार कर लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई से बटोरी थीं सुर्खियां
गौरतलब है कि वन विभाग के एसडीओ राजीव नयन नौटियाल पिछले कुछ समय से लगातार मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियों में बने हुए थे। उन्होंने देहरादून के चकराता और कालसी वन क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी और इसकी शिकायतें उच्च स्तर पर की थीं। इस दौरान खनन से जुड़े कुछ रसूखदार व्यवसायियों और ठेकेदारों के साथ उनका तीखा टकराव भी हुआ था, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसके बाद से ही वे जनता और मीडिया के बीच काफी चर्चा में आ गए थे।
निलंबन और हाई कोर्ट तक पहुंचा था मामला
राजीव नयन का विवादों से पुराना नाता रहा है। हाल ही में उत्तराखंड वन विभाग ने प्रशासनिक आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीओ राजीव नयन नौटियाल को निलंबित (Suspend) कर दिया था। विभाग की ओर से उन पर उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, अनुशासनहीनता और सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इस निलंबन के खिलाफ राजीव नयन ने उत्तराखंड हाई कोर्ट (नैनीताल) का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए वन विभाग द्वारा जारी उनके निलंबन के आदेश को रद्द कर दिया था, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली थी।
हाई कोर्ट से राहत मिलने और अवैध खनन के खिलाफ लड़ाई से एक ‘ईमानदार अधिकारी’ की छवि बनाने वाले राजीव नयन नौटियाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मामला विभागीय न होकर व्यक्तिगत और बेहद गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति का है। एक युवती के यौन शोषण के आरोपों में घिरे वन अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद अब वन महकमे से लेकर प्रशासनिक हलकों तक में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब मामले की तह तक जाने के लिए जाली दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।