उत्तराखंड हादसा: रुद्रप्रयाग केदारनाथ हाईवे पर 100 मीटर गहरी खाई में गिरा डंपर, दो लोगों की दर्दनाक मौत
रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड से एक बेहद दुखद और दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। रुद्रप्रयाग-केदारनाथ हाईवे पर देर रात एक अनियंत्रित डंपर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में डंपर सवार दोनों व्यक्तियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि वाहन के खाई में गिरते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने मोर्चे को संभाला और बेहद कठिन परिस्थितियों में संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
फाटा-बड़ासू मोटर मार्ग तरसाली के पास हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रुद्रप्रयाग जिले के अंतर्गत आने वाले केदारनाथ हाईवे पर फाटा-बड़ासू मोटर मार्ग पर हुआ। यहाँ तरसाली (चंडिका धार) के पास एक डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया। चालक जब तक वाहन पर नियंत्रण पाता, तब तक डंपर सड़क से उतरकर नीचे 100 मीटर गहरी खाई में समा गया। देर रात हुए इस हादसे में डंपर में सवार दोनों व्यक्तियों की जान चली गई। मृतकों की पहचान संजय राणा (उम्र 45 वर्ष) और मोहन के रूप में हुई है।

चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण, तत्काल पहुंचा रेस्क्यू दल
देर रात सुनसान पहाड़ी मार्ग पर हुए इस हादसे की तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण व राहगीर बिना समय गंवाए तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। खाई में झांकने पर जब उन्हें वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने का पता चला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस व जिला प्रशासन को सूचित किया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग को गुरुवार रात लगभग 8:43 बजे फोन के माध्यम से इस बड़े हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र तुरंत सक्रिय हो गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने तुरंत दिशा-निर्देश जारी किए, जिसके बाद एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF), स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस की टीमें बिना वक्त गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं।

रात के घने अंधेरे में ‘रोप रेस्क्यू’ तकनीक का सहारा
रात का घना अंधेरा, विषम भौगोलिक परिस्थितियां और 100 मीटर गहरी खाई होने के कारण राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन आपदा प्रबंधन के जवानों ने बिना हिम्मत हारे एक संयुक्त अभियान शुरू किया।
खाई में फंसे घायलों या शवों तक पहुंचने के लिए जवानों ने ‘रोप रेस्क्यू’ (रस्सी के सहारे उतरने की तकनीक) का इस्तेमाल किया। टॉर्च और सर्च लाइटों की मदद से जांबाज जवान रस्सी के सहारे गहरी खाई में उतरे और क्षतिग्रस्त डंपर (वाहन संख्या UK13CA0826) तक पहुंचे। वहाँ दोनों सवार गंभीर रूप से डंपर के मलबे में दबे हुए थे।
टीम ने कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए सबसे पहले संजय राणा (45) के शव को बरामद किया और उसे रस्सी के माध्यम से खाई से खींचकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहीं, दूसरे मृतक मोहन का शव भी गहरी खाई में लोकेट कर लिया गया था, जिसे बाहर निकालने की वैधानिक और तकनीकी कार्रवाई देर रात तक पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रही।

दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भूमिका भी इस हादसे के बाद सराहनीय रही, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए प्रशासन को समय पर सूचना दी। फिलहाल, रेस्क्यू टीमों द्वारा शवों को खाई से बाहर निकालने के बाद स्थानीय पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा इस बात की गहन व तकनीकी जांच की जा रही है कि आखिरकार यह हादसा कैसे हुआ और डंपर के अनियंत्रित होने की मुख्य वजह क्या थी। पहाड़ी रास्तों पर रात के समय भारी वाहनों के संचालन को लेकर भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।