उत्तराखंड समाचार: रामनगर से देहरादून के लिए सीधी एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को मिली हरी झंडी, जानें रूट, समय और पूरा शेड्यूल
देहरादून/रामनगर:उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल मंडल को आपस में जोड़ने की दिशा में भारतीय रेलवे और केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन केंद्र रामनगर से प्रदेश की राजधानी देहरादून के लिए आखिरकार एक सीधी एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। रेलवे मंत्रालय ने इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन के संचालन को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सप्ताह में दो दिन संचालित की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय जनता में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से पूरी हुई जनता की मांग
रामनगर और उसके आस-पास के क्षेत्रों की जनता काफी लंबे समय से राजधानी देहरादून के लिए एक सीधी और सुलभ ट्रेन सेवा की मांग कर रही थी। लोगों को देहरादून जाने के लिए या तो सड़क मार्ग के लंबे और थकाऊ सफर का सामना करना पड़ता था या फिर मुरादाबाद और हरिद्वार होकर ट्रेनें बदलनी पड़ती थीं। इस बड़ी समस्या और क्षेत्रीय जनता की वाजिब मांग को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल के लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने इस विषय को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से रेल मंत्रालय से संपर्क साधा और रामनगर से देहरादून के बीच एक समर्पित ट्रेन चलाने का मजबूत पक्ष रखा। सांसद बलूनी के इन अथक और गंभीर प्रयासों के फलस्वरूप रेल मंत्रालय ने इस मार्ग पर सीधी एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला किया है।
ट्रेन का समय और पूरा शेड्यूल (Train Timetable 15310/15309)
रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस नई एक्सप्रेस ट्रेन का नंबर 15310/15309 तय किया गया है। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन—प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को संचालित की जाएगी।
- रामनगर से देहरादून (ट्रेन संख्या 15310): यह ट्रेन बुधवार और शुक्रवार को प्रातः 05:50 बजे रामनगर स्टेशन से प्रस्थान करेगी। रास्ते के तमाम स्टेशनों से होते हुए यह दोपहर 12:40 बजे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचेगी।
- देहरादून से रामनगर (ट्रेन संख्या 15309): वापसी के सफर में यह ट्रेन उसी दिन यानी बुधवार और शुक्रवार को ही अपराह्न (दोपहर बाद) 03:55 बजे देहरादून से रवाना होगी और रात्रि 11:30 बजे रामनगर पहुंचेगी।
रास्ते में इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
रामनगर और देहरादून के मध्य संचालित होने वाली यह पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन होगी। यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर स्टॉपेज (ठहराव) दिए गए हैं। यह ट्रेन अपने सफर के दौरान काशीपुर, रोशनपुर, पीपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और धर्मनगरी हरिद्वार स्टेशनों पर रुकेगी। इन स्टेशनों पर ठहराव दिए जाने से न केवल उत्तराखंड बल्कि उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के यात्रियों को भी इस ट्रेन का सीधा लाभ मिल सकेगा।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के इन जिलों को मिलेगा जबरदस्त फायदा
इस ट्रेन के सुचारू संचालन से उत्तराखंड के चार प्रमुख जिलों—नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून के निवासियों को सीधा फायदा होगा। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर (नजीबाबाद) जिलों के लोग भी इस सेवा से लाभान्वित होंगे।
विशेष रूप से शिक्षा के लिए देहरादून जाने वाले छात्रों, अपने उत्पादों की बिक्री के लिए यात्रा करने वाले किसानों, कुमाऊं-गढ़वाल के व्यापारियों और नियमित नौकरीपेशा यात्रियों के लिए यह सेवा वरदान साबित होगी। सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि यात्री सुबह इस ट्रेन से चलकर दोपहर तक राजधानी देहरादून या धर्मनगरी हरिद्वार पहुंच सकेंगे, वहां दिनभर में अपने जरूरी प्रशासनिक या व्यावसायिक कार्य निपटाकर, उसी दिन शाम की ट्रेन से वापस सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगे।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
रामनगर को विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (Jim Corbett National Park) का प्रवेश द्वार माना जाता है। देश-विदेश से आने वाले वन्यजीव प्रेमी और पर्यटक जो दिल्ली या अन्य हिस्सों से देहरादून आते हैं, उनके लिए अब जिम कॉर्बेट पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
इसके साथ ही, रामनगर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में स्थित प्रसिद्ध गिरिजा देवी मंदिर, पौराणिक सीतामढ़ी और सीतावनी जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस ट्रेन के शुरू होने से काफी सहूलियत होगी। इस प्रकार यह ट्रेन उत्तराखंड में धार्मिक और ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को एक नई गति प्रदान करेगी।
यात्रियों के लिए आधुनिक कोच और बेहतर सुविधाएं
सफर को आरामदायक और सुगम बनाने के लिए रेलवे इस एक्सप्रेस ट्रेन में सभी आधुनिक श्रेणियां उपलब्ध करा रहा है। ट्रेन के रैक में यात्रियों की पसंद और बजट के अनुसार कई तरह के कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (AC 2 Tier)
- वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (AC 3 Tier)
- वातानुकूलित चेयर कार (AC Chair Car)
- शयनयान श्रेणी (Sleeper Class)
- द्वितीय श्रेणी चेयर कार (Second Class Chair Car)
- सामान्य द्वितीय श्रेणी (General Unreserved)
क्षेत्र की इस बहुप्रतीक्षित मांग के पूरा होने से स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और आम नागरिकों ने केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय और सांसद अनिल बलूनी का आभार व्यक्त किया है। जानकारों का मानना है कि इस ट्रेन सेवा के शुरू होने से कुमाऊं और गढ़वाल के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।