हरिद्वार में कुदरत का कहर: सिडकुल क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो मौसेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, परिवारों में कोहराम
हरिद्वार। उत्तराखंड के तीर्थनगरी हरिद्वार जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सिडकुल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डालूवाला मज़बता में शनिवार देर शाम आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने के कारण खेत में काम कर रहे दो मौसेरे भाइयों की मौके पर ही झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। अचानक बदले मौसम और आसमान में हुई तेज गर्जना के बीच गिरी इस आसमानी आफत ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। घटना के बाद से ही दोनों मृतकों के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खेत में काम करते समय अचानक हुआ वज्रपात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम को मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में काले घने बादल छा गए और तेज गर्जना शुरू हो गई। इसी दौरान सिडकुल के डालूवाला मज़बता गांव के पास खेतों में दो भाई कृषि कार्य में व्यस्त थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक एक तेज धमाके के साथ आकाशीय बिजली सीधे खेत में आ गिरी। इसकी चपेट में आने से दोनों भाई गंभीर रूप से झुलस गए और अचेत होकर वहीं गिर पड़े।
आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने जब यह मंजर देखा, तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इस दर्दनाक हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन और मृतकों के परिजनों को दी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
घटना की सूचना मिलते ही थाना सिडकुल पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों गंभीर रूप से झुलसे युवकों को तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, बिजली का झटका इतना जोरदार था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए दोनों शवों का पंचनामा भरा और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
आपस में मौसेरे भाई थे दोनों मृतक
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में:
- नरेंद्र सिंह उर्फ नगीन (उम्र 55 वर्ष): पुत्र स्वर्गीय अतर सिंह, निवासी ग्राम डालूवाला मज़बता।
- रणधीर सिंह (उम्र 38 वर्ष): पुत्र जीत सिंह, निवासी ग्राम खालाटीरा, थाना सिडकुल।
पुलिस जांच में सामने आया है कि नरेंद्र और रणधीर आपस में मौसेरे भाई थे। रणधीर सिंह की ससुराल डालूवाला मज़बता गांव में ही थी, जबकि वह मूल रूप से खालाटीरा गांव का निवासी था। दोनों गांव एक-दूसरे के बेहद नजदीक हैं, जिसके चलते दोनों परिवारों के बीच लगातार आना-जाना और घनिष्ठ संबंध थे। शनिवार को भी दोनों भाई खेत में हाथ बंटा रहे थे, तभी यह काल का ग्रास बन गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, प्रशासन राहत कार्य में जुटा
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तुरंत जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी घटना की विस्तृत जानकारी दे दी है। आपदा प्रबंधन नियमों के तहत पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता और मुआवजा राशि प्रदान करने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी?
सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, “प्रथम दृष्टया दोनों व्यक्तियों की मौत का कारण आकाशीय बिजली गिरना ही प्रतीत हो रहा है। शरीर पर झुलसने के निशान मिले हैं। हालांकि, मौत के सटीक और वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है।”
दोनों गांवों में पसरा मातम, रो-रोकर बुरा हाल
इस हृदयविदारक घटना के बाद से डालूवाला मज़बता और खालाटीरा दोनों ही गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है कि हंसते-खेलते खेत पर गए दोनों भाई अब इस दुनिया में नहीं रहे। मृतकों के घरों पर सांत्वना देने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
उत्तराखंड में मानसून और बदलते मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। मौसम विभाग लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि तेज गर्जना या खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले खेतों में जाने से बचें, ताकि ऐसी अप्रिय घटनाओं से सुरक्षित रहा जा सके।