उत्तराखंड जनगणना 2026: 1 सितंबर से स्नो बाउंड क्षेत्रों में शुरू होगी व्यक्तिगत गणना, डिजिटल मोबाइल ऐप से दर्ज होंगे आंकड़े
देहरादून: उत्तराखंड में राष्ट्रीय जनगणना 2026 के दूसरे चरण की हलचल तेज हो गई है। राज्य के दुर्गम और बर्फबारी वाले (स्नो बाउंड) इलाकों में रहने वाले लोगों की व्यक्तिगत जनगणना का काम 1 सितंबर 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है। इससे पहले जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम 24 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था।
अब राज्य का जनगणना कार्य निदेशालय विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले स्नो बाउंड क्षेत्रों में आंकड़े जुटाने की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। भारत के महापंजीयक (ORGI) द्वारा इस बाबत आधिकारिक अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
🏔️ उत्तराखंड के 4 जिलों के 131 गांव और 3 नगर पंचायतें चिह्नित
देशभर के बर्फबारी वाले इलाकों में जनसंख्या की गणना का काम 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाना है। उत्तराखंड शासन ने राज्य के चार प्रमुख पहाड़ी जिलों—उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कुल 131 गांवों और 3 प्रसिद्ध नगर पंचायतों (केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री) को स्नो बाउंड श्रेणी में रखा है।
तय आंकड़ों के अनुसार, इन दुर्गम क्षेत्रों में कुल अनुमानित आबादी लगभग 52,000 है, जिनकी गणना इस विशेष अभियान के तहत की जाएगी।
स्नो बाउंड क्षेत्रों का जिलावार विवरण
| जिला | स्नो बाउंड गांवों की संख्या | शामिल नगर पंचायत |
|---|---|---|
| उत्तरकाशी | 69 गांव | गंगोत्री |
| चमोली | 23 गांव | बदरीनाथ |
| रुद्रप्रयाग | 04 गांव | केदारनाथ |
| पिथौरागढ़ | 35 गांव | – |
| कुल योग | 131 गांव | 3 नगर पंचायतें |
जनगणना 2026: स्नो बाउंड क्षेत्रों का पूरा टाइमटेबल
प्रशासन ने स्नो बाउंड क्षेत्रों में गणना कार्य को समय पर निष्पादित करने के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम तय किया है:
- 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026: नागरिक स्वयं अपने परिवार का विवरण पोर्टल पर दर्ज (स्वगणना/Self-Enumeration) कर सकेंगे।
- 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026: प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर व्यक्तिगत जनसंख्या की गणना करेंगे।
- 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026: रिविजनल राउंड (पुनरीक्षण चरण) आयोजित किया जाएगा ताकि छूटे हुए डेटा को सही किया जा सके।
डिजिटल ऐप से होगी गणना, गोपनीय रहेगा नागरिकों का डेटा
जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, इस बार आबादी की गिनती पूरी तरह से डिजिटल तरीके से की जाएगी। इसके लिए ऑफिशियल ‘जनगणना मोबाइल एप्लीकेशन’ का इस्तेमाल होगा।
प्रगणक (Enumerators) और सुपरवाइज़र घर-घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों से जुड़ी पूरी जानकारी सीधे डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज करेंगे। निदेशालय ने आम जनता से अपील की है कि वे गणना टीम को सही और सटीक विवरण देकर पूरा सहयोग करें।
महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह: जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारियां ‘जनगणना एक्ट’ के नियमों के तहत पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएंगी। इसका उपयोग केवल सांख्यिकी (Statistical) उद्देश्यों के लिए होगा। क्षेत्र में आने वाले सभी एन्यूमरेटर और सुपरवाइज़र के पास वैध पहचान पत्र होंगे। वे नागरिकों से कभी भी कोई OTP, बैंक खाता संख्या या वित्तीय जानकारी नहीं मांगेंगे।