उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा: काशीपुर में तेज रफ्तार टैंकर ने तीन स्कूली छात्रों को रौंदा, एक की दर्दनाक मौत, दो गंभीर
काशीपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। काशीपुर क्षेत्र में सुबह-सुबह एक बेकाबू और तेज रफ्तार टैंकर ने पैदल स्कूल जा रहे तीन मासूम बच्चों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में 10वीं कक्षा के एक छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी बुरी तरह घायल हो गए। हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि घटनास्थल पर चारों ओर चीख-पुकार मच गई और सड़क पर बच्चे के जूते व दुर्घटना के निशान बिखर गए।
घटना के तुरंत बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, मौका पाकर आरोपी टैंकर चालक वाहन को छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी चालक की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
सुबह 10 बजे का हादसा: हंसते-खेलते स्कूल जा रहे थे बच्चे
यह पूरी घटना काशीपुर के आईटीआई कोतवाली क्षेत्र स्थित बरखेड़ी मार्ग की है। दाभोरा टांडा निवासी मनोज सिंह का 15 वर्षीय बेटा शिवम कुमार राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बरखेड़ी में 10वीं कक्षा का छात्र था। रोज़ की तरह सुबह करीब 10 बजे शिवम अपने रिश्ते के चचेरे-तहेरे भाइयों—वासु और अक्षय के साथ पैदल ही स्कूल के लिए निकला था।
तीनों बच्चे आपस में बातें करते हुए स्कूल की ओर बढ़ ही रहे थे कि पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित टैंकर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टैंकर की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि बच्चों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
मौके पर ही टूट गईं सांसें, घायलों की हालत नाजुक
टैंकर की सीधी टक्कर लगते ही तीनों बच्चे सड़क पर दूर जा गिरे। टक्कर इतनी भीषण थी कि 15 वर्षीय शिवम की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। हादसे का दृश्य इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। सड़क पर दूर तक मासूमों का सामान और जूते बिखरे पड़े थे।
दुर्घटना की ज़ोरदार आवाज़ और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों और घरों में मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। ग्रामीणों को अपनी तरफ आता देख आरोपी ड्राइवर घबरा गया और टैंकर को वहीं छोड़कर मौके से भाग निकला।
स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायल वासु और अक्षय को आनन-फानन में काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों बच्चों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
सड़क पर पसरा मातम, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
हादसे की खबर जैसे ही गांव में फैली, परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में जमा हुए ग्रामीणों ने बरखेड़ी मार्ग पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। गुस्साए लोगों की मांग थी कि:
- स्कूल खुलने और बंद होने के समय भारी वाहनों (हैवी ट्रैफिक) की आवाजाही पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए।
- सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
- फरार टैंकर चालक को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही आईटीआई कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने काफी देर तक गुस्साए लोगों को समझाया-बुझाया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाकर जाम खोला जा सका।
परिवार का सहारा था मासूम, छाया मातम
मृतक छात्र शिवम के पिता मनोज सिंह पेशे से मजदूरी करते हैं और बेहद गरीब परिवार से आते हैं। शिवम अपने पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर था। पढ़ाई में होशियार शिवम से परिवार को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां एक पल में छीन लीं। घटना के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शिवम के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त टैंकर को कब्जे में ले लिया गया है। फरार चालक की पहचान के लिए घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर स्कूली इलाकों में अनियंत्रित और ओवरस्पीड भारी वाहनों की आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।