- मुख्यमंत्री ने तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से मातृशक्ति को किया सम्मानित
- तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार से बढ़ाकर 75 हजार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा
- तीलू रौतेली जयंती पर 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार प्रदान
- मुख्यमंत्री बोले- मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
देहरादून।उत्तराखंड सरकार ने राज्य की वीरांगनाओं और धरातल पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मान बढ़ाने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीलू रौतेली पुरस्कार की धनराशि में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में प्रदेश की उत्कृष्ट 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में नारी शक्ति के योगदान की जमकर सराहना की और उनके वित्तीय प्रोत्साहन को बढ़ाने की घोषणा की।

पुरस्कार राशि में भारी इजाफा
उत्तराखंड सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में ही इस राशि को 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया गया था।
इसके साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की राशि को भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह वृद्धि केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की मातृशक्ति के अदम्य साहस, सेवा और समर्पण के प्रति राज्य सरकार के गहराते सम्मान का प्रतीक है।

मातृशक्ति और वीरांगनाओं का गौरवशाली इतिहास
समारोह को संबोधित करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती का अवसर उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास और नारी स्वाभिमान का प्रतीक है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस और पराक्रम की अमर मिसाल हैं। जब भी उत्तराखंड की भूमि पर वीरता और संघर्ष की चर्चा होगी, तीलू रौतेली का नाम पूरे स्वाभिमान के साथ लिया जाएगा।

प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का लोहा मनवा रही हैं। खेल, समाज सेवा, प्रशासन और स्थानीय स्वरोजगार में महिलाओं का योगदान राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। सम्मानित होने वाली 48 महिलाएं पूरे प्रदेश की मातृशक्ति के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय और पदोन्नति पर बड़ा कदम
ग्राउंड जीरो पर सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और बुनियादी संस्कारों को गढ़ने में आंगनबाड़ी केंद्रों की नींव बेहद मजबूत है। आंगनबाड़ी बहनें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली सबसे मजबूत कड़ी हैं।

सरकार द्वारा कार्यकर्ताओं के मानदेय में की गई हालिया बढ़ोतरी का भी जिक्र किया गया:
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये किया गया।
- मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये किया गया।
- सहायिकाएं: मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया।
इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सुपरवाइजर के पदों पर पदोन्नति के दरवाजे भी खोले गए हैं, जिससे उनके करियर में आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हो सकें।

सशक्त महिला, सशक्त उत्तराखंड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान और लखपति दीदी जैसी योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में ठोस कदम उठा रही है:
- सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया।
- देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का गौरव उत्तराखंड को मिला।
- महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ब्याज मुक्त ऋण और मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना जैसे माध्यमों से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार तक हर कदम पर सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। जब उत्तराखंड की बहनें और बेटियां पूरी तरह सशक्त होंगी, तभी राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प पूरा हो पाएगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक उमेश शर्मा काऊ, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, खजान दास, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित प्रशासन और शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।