रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर के अंतर्गत टांडा गांव में स्थित टांडा चौराहे के पास उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सिंचाई नहर में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बहता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने जैसे ही नहर में पानी के बीच शव को देखा, तुरंत क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को नहर के तेज बहाव से बाहर निकाला।
अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में मिला शव
नहर से बाहर निकाला गया शव काफी पुरानी स्थिति का लग रहा है और वह अत्यधिक सड़ा-गला अवस्था में था। शरीर के कई हिस्से बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि शव काफी दिनों से पानी में बह रहा था। पानी में लंबे समय तक रहने के कारण चेहरा पूरी तरह पहचान में नहीं आ रहा है, जिसके चलते पुलिस के लिए मृतक की शिनाख्त करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
मौके पर मौजूद पूर्व ग्राम प्रधान अब्दुल सब्बार ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नहर से शव को बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद आसपास के कई गांवों के लोगों को बुलाकर पहचान कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, शव की हालत इतनी खराब थी कि मौके पर मौजूद कोई भी व्यक्ति उसकी पहचान नहीं कर सका।
मोर्चरी में रखा गया शव, पहचान की कोशिशें तेज
शव की शिनाख्त न हो पाने की सूरत में पुलिस ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है। पंचनामा भरने के बाद शव को शिनाख्त और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नजदीकी अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में रखवा दिया गया है। नियमों के मुताबिक निर्धारित समय तक शव को शिनाख्त के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
पुलिस टीम अब आसपास के सभी थानों, पुलिस चौकियों और पड़ोसी जिलों के पुलिस नेटवर्क से संपर्क साध रही है। हाल के दिनों में दर्ज हुई गुमशुदगी (Missing Persons) की शिकायतों और रिपोर्ट खंगाली जा रही हैं, ताकि मृतक के बारे में कोई पुख्ता सुराग मिल सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्राथमिक दृष्टि से मामले की हर कोण से बारीक जांच की जा रही है। यह महज एक हादसा है, आत्महत्या का मामला है या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश या हत्या की वारदात छिपी है, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, राहगीरों से पूछताछ और सोशल मीडिया व स्थानीय नेटवर्क के जरिए मृतक की पहचान स्थापित करने के प्रयासों में मुस्तैदी से जुटी हुई है। घटना के बाद से ही टांडा चौराहा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।