👉 Live IPL Score 👇

';

देहरादून में ‘राष्ट्र निर्माण उत्सव’, तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ, युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश


  • “युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की असली ताकत” – सीएम धामी
  • फ्यूचर रेडी बने युवा, नेशन फर्स्ट को ध्यान रखें हमेशा – मुख्यमंत्री
  • ओहो रेडियो के मंच से राष्ट्र निर्माण का मजबूत संकल्प
  • तीन नए रेडियो चौनलों का शुभारंभ, संचार के क्षेत्र में नई क्रांति
  • “युवा बनें जॉब क्रिएटर” – मुख्यमंत्री का संदेश
  • स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर आगे बढ़ने का आह्वान
  • 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की निर्णायक भूमिका
  • उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत और युवाशक्ति पर सरकार का फोकस

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए तीन नए रेडियो चैनलों का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम ओहो रेडियो और ड्रीमर्स एड्यु हब के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं और विभिन्न क्षेत्रों के अतिथि शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आयोजन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने आयोजन में उपस्थित युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।मुख्यमंत्री ने रेडियो के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समय था जब रेडियो हर घर का अहम हिस्सा हुआ करता था। गांवों में सीमित संसाधनों के बावजूद लोग एक स्थान पर एकत्र होकर समाचार सुनते और मनोरंजन का आनंद लेते थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके पास भी एक छोटा रेडियो था, जो उनके लिए बेहद खास था।

उन्होंने कहा कि भले ही समय के साथ तकनीक में तेजी से बदलाव आया है, लेकिन रेडियो की विश्वसनीयता और आत्मीयता आज भी बरकरार है। उन्होंने Narendra Modi द्वारा शुरू किए गए “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने रेडियो को फिर से मुख्यधारा में स्थापित करने का कार्य किया है। साथ ही उन्होंने ओहो रेडियो की सराहना करते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म उत्तराखंड में रेडियो की परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आए युवा अपनी सांस्कृतिक विविधता के माध्यम से उत्तराखंड को गौरवान्वित कर रहे हैं।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा ही राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम हैं और लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित न हो। युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और सृजनात्मकता को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें समाज के सभी वर्गों—युवा, किसान, महिलाएं, श्रमिक और उद्यमी—की भागीदारी जरूरी है। जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करता है, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे युवा देश बताते हुए कहा कि यही युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो भारत आर्थिक महाशक्ति बनने के साथ-साथ विश्व गुरु के रूप में भी स्थापित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं जैसे स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर रही हैं।राज्य स्तर पर किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, कौशल विकास को प्राथमिकता देने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने की दिशा में आगे बढ़ें।बदलते वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, इसलिए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार डिमांड आधारित स्किल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान किया जा सके।

उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि का राष्ट्र निर्माण में सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर के निर्माण और दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना को इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।कार्यक्रम के दौरान सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी गई और उन्हें देश का भविष्य बताया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और देश के विकास में सक्रिय योगदान दें।उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं के समर्पण, नवाचार और संकल्प से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता Rakesh Bedi, मेजर प्राजुक्ता देसाई, आरजे काव्या सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *