उत्तराखंड के तीन दिग्गज IPS अधिकारियों को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी: नीरू गर्ग, मुख्तार मोहसिन और अरुण मोहन जोशी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति

देहरादून। उत्तराखंड कैडर के तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की कार्यकुशलता और अनुभव पर केंद्र सरकार ने मुहर लगाई है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आदेश के अनुसार, राज्य के तीन सीनियर पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय सुरक्षा और जांच एजेंसियों में महत्वपूर्ण पदों पर प्रतिनियुक्ति (Deputation) दी गई है।

​इन नियुक्तियों में 2005 और 2006 बैच के अधिकारियों को आईटीबीपी, एनसीआरबी और बीएसएफ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कमान सौंपी गई है।

प्रमुख नियुक्तियां और नई जिम्मेदारियां

​केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड कैडर के इन अधिकारियों की तैनाती के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं:

  • नीरू गर्ग (IPS 2005): तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है। सीमा सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है।
  • मुख्तार मोहसिन (IPS 2005): नीरू गर्ग के ही बैचमेट मुख्तार मोहसिन को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) में बड़ी भूमिका दी गई है। अपराध जगत के आंकड़ों और तकनीकी विश्लेषण में उनकी विशेषज्ञता का लाभ अब देश को मिलेगा।
  • अरुण मोहन जोशी (IPS 2006): राज्य के चर्चित आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनाती दी गई है। देश की सीमाओं की सुरक्षा में जोशी अब नई रणनीतियों के साथ नज़र आएंगे।

प्रशासनिक हल्के में चर्चा

​एक साथ तीन बड़े अधिकारियों के केंद्र में जाने से राज्य के पुलिस महकमे में फेरबदल की संभावना बढ़ गई है। इन अधिकारियों की गिनती उत्तराखंड के बेहद काबिल और सुलझे हुए पुलिस अफसरों में होती है। केंद्र में इन अहम पदों पर उनकी नियुक्ति को राज्य के लिए एक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

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