भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के ऊँचे शिखरों के बीच आज से प्रदेश की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय शुरू होने जा रहा है। भराड़ीसैंण स्थित भव्य विधानसभा भवन में आज से बजट सत्र 2026 का आगाज होगा। इस सत्र के केंद्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पेश किया जाने वाला वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट है, जिसे राज्य के सर्वांगीण विकास का ‘ब्लूप्रिंट’ माना जा रहा है।
राज्यपाल के अभिभाषण से होगा शंखनाद
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी। अपने संबोधन में राज्यपाल राज्य सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के साथ-साथ आगामी नीतिगत प्राथमिकताओं का रोडमैप सदन के पटल पर रखेंगे। दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण सदन का संचालन संभालेंगी, जिसके बाद विधिवत कार्यवाही शुरू होगी।
शाम 3 बजे ‘पिटारा’ खोलेंगे मुख्यमंत्री
पूरे प्रदेश की निगाहें शाम 3 बजे पर टिकी हैं, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में बजट पेश करेंगे। जानकारों का मानना है कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। बजट में इन क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है:
- पर्वतीय विकास: पहाड़ से पलायन रोकने के लिए ठोस नीतियां।
- युवा एवं स्वरोजगार: नई योजनाओं के जरिए रोजगार के सृजन पर जोर।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर व पर्यटन: बुनियादी ढांचे को मजबूती और पर्यटन को नया आयाम।
- कृषि व शिक्षा: ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आधुनिक शिक्षा पर भारी निवेश की संभावना।
”सरकार अपने कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करने की दहलीज पर है, ऐसे में यह बजट जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने और विकास की गति को नई उड़ान देने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।”
सियासी सरगर्मी: विपक्ष भी तैयार
एक ओर जहाँ सरकार विकास के दावों के साथ सदन में उतरेगी, वहीं विपक्ष ने भी घेराबंदी की पूरी तैयारी कर ली है। बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय जनहित के मुद्दों पर विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा। गैरसैंण की सर्द हवाओं के बीच विधानसभा के भीतर सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।
