उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के मोरी ब्लॉक के दूरस्थ गांव गंगाड़ में शनिवार को प्रशासन ने बहुउद्देशीय शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई सरकारी योजनाओं का लाभ दिया। विधायक दुर्गेश्वर लाल और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अगुवाई में आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, समाज कल्याण और कृषि से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, साथ ही लोगों की शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया।
उत्तरकाशी जनपद के सुदूरवर्ती क्षेत्र मोरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत गंगाड़ में शनिवार को प्रशासन ने अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराते हुए “अंतिम छोर तक सरकार” की सोच को धरातल पर उतारा। सोमेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर न केवल सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच भी साबित हुआ।
इस शिविर का नेतृत्व क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने किया। पहाड़ी क्षेत्र के दूर-दराज बसे गांवों में अक्सर सरकारी सुविधाओं की पहुंच सीमित रहती है, ऐसे में इस तरह के शिविर ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आते हैं। प्रशासन ने इस पहल के जरिए स्वास्थ्य, राजस्व, समाज कल्याण, कृषि और उद्यान विभाग की सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराया।
शिविर के दौरान कुल 33 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकतर का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। ग्रामीणों ने सबसे प्रमुख रूप से बिजली लाइनों की खराब स्थिति और ओसला-गंगाड़ मार्ग पर भूमि अधिग्रहण मुआवजे में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। इस पर विधायक दुर्गेश्वर लाल ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सौड से पूर्ति तक बिजली लाइन की मरम्मत कार्य एक माह के भीतर शुरू किया जाए।
इतना ही नहीं, विधायक ने 25 से 27 अप्रैल के बीच विभिन्न गांवों में विशेष कैंप आयोजित कर नए बिजली कनेक्शन वितरित करने के भी निर्देश दिए। इससे क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की समस्या झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने अपनी चिंता जाहिर की। ओसला क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी और कुछ स्थानों पर शिक्षकों की अनुपस्थिति की शिकायत सामने आई। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह स्वयं क्षेत्र में कैंप करें और स्थिति का आकलन करें। साथ ही, दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ तत्काल स्थानांतरण की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
डिजिटल सेवाओं में बाधा बन रही नेटवर्क समस्या पर भी प्रशासन ने ध्यान दिया। आधार कार्ड बनवाने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए जिलाधिकारी ने 12 से 24 अप्रैल तक सांकरी में विशेष आधार शिविर आयोजित करने की घोषणा की। इसके अलावा, विधायक ने बीएसएनएल टावर को जल्द से जल्द सक्रिय करने के निर्देश दिए ताकि क्षेत्र में संचार व्यवस्था बेहतर हो सके।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा दी गई सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उठाया। कृषि और उद्यान विभाग ने 81 किसानों को उपकरण और तकनीकी सेवाएं प्रदान कीं, जिससे उनकी खेती को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग के तहत होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने 133 मरीजों का मुफ्त इलाज किया।
राजस्व और विकास विभाग द्वारा 15 बीपीएल और अन्य जरूरी प्रमाण पत्र मौके पर जारी किए गए, जबकि पंचायतीराज विभाग ने 25 आवेदन प्राप्त किए। समाज कल्याण विभाग ने 40 लोगों को विभिन्न पेंशन योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आवेदन प्रक्रिया में भी सहायता प्रदान की।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख रणदेव राणा, एसडीएम मुकेश चंद रमोला सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि ऐसी पहलें जनता के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि “अंतिम व्यक्ति तक योजना पहुंचाने” का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस तरह के शिविर न केवल सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाते हैं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को भी मजबूत करते हैं।
