उत्तरकाशी।उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की पारंपरिक शुरुआत के क्रम में मां गंगा की उत्सव डोली आज अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई। इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों, पुजारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने डोली यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मां गंगा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

चारधाम यात्रा का यह महत्वपूर्ण पड़ाव हर वर्ष विशेष धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के साथ आयोजित किया जाता है। शीतकाल में मां गंगा की पूजा मुखवा गांव में की जाती है, और ग्रीष्मकाल के आगमन के साथ ही विधिवत अनुष्ठानों के बाद डोली को गंगोत्री धाम ले जाया जाता है। इस वर्ष भी सदियों पुरानी परंपरा का पालन करते हुए पूरे विधि-विधान से डोली यात्रा प्रारंभ हुई।
मुखवा गांव से डोली चल कर शाम 7:32 बजे अपने पहले पड़ाव भैरोघाटी पर पहुंची,जहां भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने मां गंगा की उत्सव डोली का स्वागत किया। गांव के लोगों ने इस अवसर को उत्सव के रूप में मनाया, जहां महिलाओं और बुजुर्गों सहित युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा क्षेत्र भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया।

डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में गहरी आस्था देखने को मिली। भक्तजन “जय मां गंगे” के जयकारे लगाते हुए डोली के साथ चल रहे थे। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन द्वारा भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से पहले मां गंगा की डोली को विधिवत रूप से मंदिर तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद निर्धारित शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस वर्ष भी गंगोत्री धाम के कपाट कल शुभ मुहूर्त में खोले जाएंगे।
कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मां गंगा के दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे। हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा के तहत गंगोत्री धाम पहुंचते हैं और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस यात्रा का धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व है।
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने चारधाम यात्रा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आवास के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सहायता के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई दिशा देती है। हर वर्ष इस यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायों और रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है।
इस तरह मां गंगा की उत्सव डोली का मुखवा गांव से गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान एक बार फिर श्रद्धा, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम बन गया है। अब सभी श्रद्धालुओं को कल कपाट खुलने का बेसब्री से इंतजार है, जब मां गंगा के दर्शन के साथ चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा।
रिपोर्ट: कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।
