रुद्रपुर (उत्तराखंड):नशा मुक्त देवभूमि के संकल्प को मजबूत करते हुए उधम सिंह नगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में तीन शातिर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से नशीला पदार्थ लाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की योजना बना रहे थे।
पुलिस ने इस ऑपरेशन में कुल 558.78 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

कैसे हुई बड़ी कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई 18 अप्रैल 2026 को कोतवाली रुद्रपुर पुलिस और एसओजी रुद्रपुर की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन में भारी मात्रा में नशे की खेप लाई जा रही है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बागवाला फ्लाईओवर के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान एक संदिग्ध कैंटर वाहन (UP81 FT 5851) को रोका गया। जब वाहन की तलाशी राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में ली गई तो उसमें छुपाकर रखा गया बड़ा नशा भंडार सामने आया।
वाहन में सुतली रस्सियों के गट्ठरों के बीच अत्यंत चालाकी से छिपाकर 18 प्लास्टिक के कट्टों और 3 स्कूली बैगों में गांजा रखा गया था।
तीन तस्कर गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क बेनकाब
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
संजय गुप्ता (38 वर्ष), निवासी किच्छा
डीटू यादव (26 वर्ष), निवासी मैनपुरी, उत्तर प्रदेश
मोहित यादव (28 वर्ष), निवासी मैनपुरी, उत्तर प्रदेश
इनके पास से 5 मोबाइल फोन और 29,880 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गांजा ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से लाया गया था और इसे रुद्रपुर समेत उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करने की योजना थी।
नशा तस्करी का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह केवल एक छोटी कड़ी नहीं, बल्कि एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। गिरफ्तार आरोपी संजय गुप्ता का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार, अवैध नशे के कारोबार से अर्जित करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
चारधाम यात्रा और कुंभ मेले में सप्लाई की थी योजना
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करों की योजना इस गांजे को आगामी चारधाम यात्रा और हरिद्वार अर्धकुंभ मेले के दौरान खपाने की थी। यदि यह खेप बाजार में पहुंच जाती तो इससे बड़ी संख्या में युवाओं के प्रभावित होने का खतरा था।
पुलिस टीम को मिला इनाम, सख्त संदेश जारी
इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी ने पुलिस टीम को 7500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उधम सिंह नगर पुलिस ने एक बड़ी तस्करी को रोककर समाज को सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अब इस मामले में अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच कर रही है। ओडिशा से लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक फैले इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन और बैंकिंग लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
