रामनगर (बिजरानी): वन विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) और फील्ड डायरेक्टर, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को “प्रभाग दिवस” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार, 28 फरवरी 2026 को बिजरानी रेंज के रिंगौड़ा वन परिसर में बैठक आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया।
मौके पर समस्याओं के निराकरण की पहल
बिजरानी उप प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी विन्दर पाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ‘प्रभाग दिवस’ स्थानीय निवासियों और वन विभाग के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है। इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका मौके पर ही यथासंभव निराकरण करना है।
बैठक के दौरान आमडण्डा और रिंगौड़ा खत्ता के निवासियों ने अपनी प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था।
- मोबाइल नेटवर्क की समस्या।
- अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव।
इन समस्याओं पर अधिकारियों ने नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
वनाग्नि सुरक्षा और वन्यजीवों से बचाव पर चर्चा
बिजरानी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवीन चन्द्र पाण्डे ने ग्रामीणों से वनाग्नि काल के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कूड़ा न जलाने और आग की सूचना तुरंत वन चौकी पर देने का अनुरोध किया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए विभाग ने निम्नलिखित सुझाव दिए:
- घरों के बाहर भोजन, अनाज या कचरा खुले में न फेंकें, क्योंकि इससे वन्यजीव आबादी की ओर आकर्षित होते हैं।
- बाघ या गुलदार दिखने पर घबराएं नहीं, तुरंत विभाग को सूचित करें।
- वनों और वन्यजीवों की रक्षा को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भी वन संरक्षण और आग से बचाव के लिए विभाग को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य दीपक चन्द्र, ईडीसी अध्यक्ष (रिंगौड़ा) नवीन चन्द्र पपनै, ईडीसी अध्यक्ष (आमडण्डा) रवि थपलियाल, एडवोकेट एवं सभासद विक्रम भट्ट, वन क्षेत्राधिकारी नवीन चन्द्र पाण्डे, उपराजिक भूपेन्द्र सिंह चौहान, वन दरोगा मानसी अरोरा, वन आरक्षी प्रमोद कुमार सत्यवली, प्रमोद डोर्वी सहित विभागीय स्टाफ और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
