हल्द्वानी (उत्तराखंड):उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत विजिलेंस टीम को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तराखंड विजिलेंस की हल्द्वानी सेक्टर टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस महकमे के ही एक कांस्टेबल को ₹45,000 की मोटी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सिपाही की पहचान दीपक सामंत के रूप में हुई है, जो डंपर चालकों से अवैध वसूली के खेल में लिप्त था।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी सिपाही मूल रूप से ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र के बिलहरी का रहने वाला बताया जा रहा है।
डंपर सीज करने और चालान की धमकी देकर मांग रहा था घूस
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी कांस्टेबल दीपक सामंत उपखनिज (RBM) ढोने वाले वाहनों के संचालन के नाम पर अवैध वसूली का नेटवर्क चला रहा था। वह डंपर स्वामियों और चालकों को बेवजह परेशान करता था। आरोप है कि वह आए दिन वाहन स्वामियों को डंपर सीज करने और भारी-भरकम कोर्ट का चालान काटने की धमकी देता था।
इस उत्पीड़न से परेशान होकर एक पीड़ित ने कांस्टेबल के खिलाफ विजिलेंस (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) को लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि गाड़ी को बिना किसी रुकावट के चलाने देने के बदले में सिपाही द्वारा ₹45,000 की रिश्वत मांगी जा रही है।
विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। सबसे पहले गोपनीय तरीके से शिकायत की प्राथमिक जांच कराई गई, जिसमें सिपाही पर लगे आरोप बिल्कुल सही पाए गए। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल (Trap) बिछाया।
योजना के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित रिश्वत की रकम ₹45,000 लेकर कांस्टेबल दीपक सामंत के पास पहुंचा और उसने पैसे सिपाही को थमाए, तभी पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस की स्पेशल टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने सिपाही के पास से रिश्वत के पैसे भी बरामद कर लिए हैं।
भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख: “विजिलेंस टीम आरोपी कांस्टेबल को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
विजिलेंस की जनता से अपील: टोल फ्री नंबर 1064 पर करें शिकायत
इस सफल कार्रवाई के बाद विजिलेंस विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में आगे आएं। यदि उत्तराखंड में कोई भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी या पुलिसकर्मी आपके किसी जायज काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, या आपको अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करता है, तो डरे नहीं।
नागरिक तुरंत विजिलेंस के टोल-फ्री नंबर 1064 या सतर्कता अधिष्ठान के कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और त्वरित एक्शन लिया जाएगा।