हल्द्वानी।नशे की लत अच्छे-खासे पढ़े-लिखे युवाओं के भविष्य को किस कदर अंधकार में धकेल रही है, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी से सामने आया है। यहां एक उच्च शिक्षित बीकॉम पास युवक अपनी नशे की लत और महंगे शौक को पूरा करने के लिए शातिर चोर बन गया। कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस युवक को उसके एक अन्य साथी के साथ गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने मिलकर शहर में चोरी की दो बड़ी वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये का चोरी का सामान भी बरामद कर लिया है।
एक ही दिन में दो बड़ी चोरियों से सनसनी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 8 जुलाई को हल्द्वानी शहर में चोरी की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई थीं। पहली घटना में, बेड़ापोखरा निवासी हेमंत सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अज्ञात चोरों ने उनके बंद घर का ताला तोड़कर अंदर रखे लैपटॉप, एलईडी टीवी (LED TV), मोबाइल फोन, सीलिंग फैन और यहां तक कि मंदिर का कीमती सामान चोरी कर लिया है।
ठीक इसी दिन, सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. खड़क सिंह दलाल ने भी कोतवाली में एक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर से अज्ञात बदमाशों ने स्प्लिट एसी (Split AC) के कीमती कॉपर पाइप काट कर चोरी कर लिए हैं। एक ही दिन में एक बंद मकान और सरकारी अस्पताल को निशाना बनाए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी फुटेज और सटीक सुराग से दबोचे गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों के दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और मुखबिरों से मिले सटीक सुरागों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रितिक बिष्ट उर्फ गोलू (उम्र 25 वर्ष, निवासी अल्मोड़ा) और ऋषभ अग्रवाल (उम्र 30 वर्ष, निवासी ऊधम सिंह नगर) के रूप में हुई है।
रेलवे स्टेशन पर दोस्ती और फिर शुरू हुआ क्राइम का सफर
पुलिस की पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। आरोपी रितिक बिष्ट पढ़ा-लिखा है और उसने बीकॉम (B.Com) पास किया हुआ है। लेकिन वह स्मैक और अन्य घातक नशीले पदार्थों के जाल में ऐसा फंसा कि उसका पूरा जीवन बर्बाद हो गया। नशे की अत्यधिक लत के कारण उसने अपने परिवार से भी दूरी बना ली थी और वह घर भी नहीं जाता था।
नशे के लिए पैसों की तंगी होने पर उसने अपराध की राह चुनी। पूछताछ में सामने आया कि कुछ समय पहले रितिक और ऋषभ अग्रवाल की मुलाकात रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर हुई थी। दोनों ही नशे के आदी थे, इसलिए जल्द ही उनकी दोस्ती हो गई। अपने महंगे शौक और नशे की खुराक का इंतजाम करने के लिए दोनों ने मिलकर बंद मकानों और सरकारी संपत्तियों में चोरियां करना शुरू कर दिया।
आरोपी रितिक का पुराना आपराधिक इतिहास
मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी (SP City) मनोज कत्याल ने बताया कि बेस अस्पताल में कॉपर पाइप चोरी करने की घटना में ये दोनों साथ थे। जबकि हेमंत सिंह के बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी करने की वारदात को रितिक बिष्ट ने अकेले ही अंजाम दिया था। पुलिस ने इनके पास से चोरी किया गया लैपटॉप, एलईडी टीवी, मोबाइल, पंखा और कॉपर पाइप बरामद कर लिए हैं।
एसपी सिटी ने यह भी बताया कि रितिक बिष्ट कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह एक पेशेवर अपराधी बनता जा रहा था। उसके खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में चोरी, लूट और ड्रग्स तस्करी (NDPS एक्ट) के चार गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है, लेकिन जेल से बाहर आते ही वह फिर से नशे की पूर्ति के लिए वारदातों को अंजाम देने लगा।
सफलता पर पुलिस टीम को नकद पुरस्कार
हल्द्वानी पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर दोनों शातिर चोरों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। सफलतापूर्वक और बेहद कम समय में इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करने और लाखों का माल बरामद करने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए जिले के एसएसपी (SSP) ने पूरी टीम के लिए 1500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस अब इन आरोपियों के अन्य सहयोगियों और चोरी का सामान खरीदने वालों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।