देहरादून: उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण और समाज निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित करने की परंपरा एक बार फिर धूमधाम से आगे बढ़ने जा रही है। वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 महिलाओं को प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय तीलू रौतेली पुरस्कार 2026 से सम्मानित करने जा रही है। इसके साथ ही, प्रदेश भर में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और बाल विकास की अलख जगाने वाली 35 चुनिंदा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
8 अगस्त को देहरादून में सजेगा सम्मान समारोह
इस भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन 8 अगस्त को देहरादून स्थित हरिद्वार बाईपास मार्ग के संस्कृति विभाग सभागार में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं उपस्थित रहकर चयनित महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने हाथों से सम्मानित करेंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करेंगे।
217 दावेदारों की कड़ी परीक्षा के बाद चुनी गईं 13 प्रेरणादायी महिलाएं
इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेश के सभी 13 जिलों से कुल 217 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के दौरान समाज सेवा, शिक्षा, खेल, लोक कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में किए गए धरातलीय कार्यों का गहन मूल्यांकन किया गया। कड़ी छानबीन और कड़े मानकों के बाद प्रत्येक जिले से एक-एक महिला का चयन इस सर्वोच्च सम्मान के लिए किया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस पुरस्कार का उद्देश्य केवल उपलब्धियों का जश्न मनाना नहीं है, बल्कि समाज में बदलाव की बयार लाने वाली इन निडर महिलाओं को एक नई और राष्ट्रीय स्तर की पहचान देना है।
वर्ष 2006 से जारी है सशक्तिकरण का यह सफर
गढ़वाल की साहसी वीरांगना तीलू रौतेली के अदम्य साहस और संघर्ष की स्मृति में उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2006 में इस सम्मान की शुरुआत की थी। तब से हर साल यह मंच उन महिलाओं और किशोरियों को सामने लाता है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी समाज के सामने प्रेरणा की अनूठी मिसाल कायम की है। आज यह पुरस्कार राज्य का सबसे प्रतिष्ठित महिला सम्मान बन चुका है।
इस बार समाज सेवा और खेल जगत से लेकर पर्यावरण और संगीत में योगदान देने वाली महिलाओं के साथ-साथ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इसमें विशेष स्थान दिया गया है। राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी पुरस्कार के लिए प्राप्त 220 आवेदनों में से 35 सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है।
जिलों से दिखा जबरदस्त उत्साह: नैनीताल रहा सबसे आगे
तीलू रौतेली पुरस्कार को लेकर प्रदेश की महिलाओं में इस बार जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आवेदनों की बात करें तो नैनीताल जिले से सबसे अधिक 29 आवेदन प्राप्त हुए।
- उत्तराकाशी: 24 आवेदन
- देहरादून: 23 आवेदन
- हरिद्वार: 22 आवेदन
- अल्मोड़ा: 21 आवेदन
- पिथौरागढ़ एवं टिहरी: 13-13 आवेदन
- चमोली एवं चंपावत: 12-12 आवेदन
- रुद्रप्रयाग एवं ऊधमसिंह नगर: 11-11 आवेदन
- बागेश्वर एवं पौड़ी: 8-8 आवेदन
यह आंकड़े इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि राज्य की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
तीलू रौतेली पुरस्कार 2026: देखें विजेताओं की पूरी सूची
इस वर्ष अपने-अपने जिलों और क्षेत्रों का मान बढ़ाने वाली 13 विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं:
- उत्तरकाशी: श्वेता बधानी (सामाजिक क्षेत्र)
- अल्मोड़ा: पुष्पा फर्त्याल (संस्कृति एवं कला)
- बागेश्वर: दया दानू (समाज सेवा)
- चमोली: नंदा सती (संगीत)
- चंपावत: रितिका बगोली (पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा)
- देहरादून: नीतू रानी (शिक्षा एवं अदम्य बहादुरी)
- हरिद्वार: वैशाली शर्मा (समाज सेवा)
- नैनीताल: लतिका (खेल)
- पौड़ी गढ़वाल: प्रियंका थपलियाल (खेल, समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण)
- पिथौरागढ़: कलावती देवी (सामाजिक कार्य)
- रुद्रप्रयाग: दुर्गा देवी (समाज सेवा)
- टिहरी गढ़वाल: सरिता कोठियाल (सामाजिक क्षेत्र)
- ऊधमसिंह नगर: पुष्पा देवी (दिव्यांग खेलों में उत्कृष्ट योगदान)