रामनगर के रिसॉर्ट में सावन के संग गूंजे लोकगीत, हरियाली तीज पर महिलाओं ने मचाया धूम, सोना बनीं ‘तीज क्वीन’
रामनगर। सावन के पवित्र और खुशनुमा मौसम में रामनगर के एक प्रमुख रिसॉर्ट में हरियाली तीज का त्योहार बेहद धूमधाम, उमंग और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। हरे-भरे परिधानों और सज-धज कर पहुंचीं महिलाओं की मौजूदगी से पूरा माहौल खुशियों के रंगों से भर गया। ढोलक की थाप, सावन के झूले और बॉलीवुड से लेकर पारंपरिक लोकगीतों की धुनों पर महिलाओं के थिरकते कदमों ने हर किसी का मन मोह लिया। इस सांस्कृतिक संध्या में न केवल रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियां हुईं, बल्कि मनोरंजक खेल और बहुप्रतीक्षित ‘तीज क्वीन’ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें सोना ने अपने आकर्षण और प्रतिभा के बल पर प्रथम स्थान हासिल कर तीज क्वीन का खिताब अपने नाम किया।
आयोजिकाओं की मेहनत ने जमाया रंग
इस भव्य और सफल आयोजन की नींव नेहा अग्रवाल, आरती अग्रवाल, खुशबू ठाकुर और मेघा भटनागर के संयुक्त प्रयासों पर टिकी थी। आयोजिकाओं की टीम ने कार्यक्रम की शुरुआती तैयारियों से लेकर अंतिम चरण के संचालन तक की हर बारीक व्यवस्था को पूरी निपुणता के साथ संभाला। उनकी इस पहल ने शहर और आसपास की महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहाँ वे न केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रख सकीं, बल्कि अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं का भी प्रदर्शन कर सकीं। भागदौड़ भरी जिंदगी से अलग इस तरह के मेल-जोल ने महिलाओं के बीच आपसी भाईचारे और प्यार को और मजबूत किया।
नृत्य प्रतियोगिताओं में झलकी भारतीय संस्कृति
कार्यक्रम की शुरुआत से ही महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक परिधानों—विशेषकर हरी साड़ियों, लहंगों और सुहाग के गहनों में सजी-धजी महिलाओं ने मंच संभालते ही समां बांध दिया। नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सोलो और ग्रुप परफॉर्मेंस के जरिए सावन और तीज के गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। एक से बढ़कर एक डांस परफॉर्मेंस ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। मंच पर महिलाओं के आत्मविश्वास और कलात्मकता ने यह साबित कर दिया कि यह त्योहार केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि नारी शक्ति और उनकी खुशियों की अभिव्यक्ति का प्रतीक है।
सोना के सिर सजा ताज, तालियों से गूंजा हॉल
कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण रहे ‘तीज क्वीन’ कॉन्टेस्ट में प्रतिस्पर्धा बेहद दिलचस्प और कांटे की रही। रैंप वॉक, कैटवॉक और पर्सनालिटी राउंड से गुजरने के बाद निर्णायक मंडल ने सोना के नाम की घोषणा की। जैसे ही सोना को प्रथम स्थान और ‘तीज क्वीन’ के ताज से नवाजा गया, पूरा हॉल महिलाओं की तालियों की गड़गड़ाहट और बधाई के नारों से गूंज उठा। जीत के बाद सोना ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए सभी का धन्यवाद दिया।

इन प्रतिभागियों की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभा
इस सांस्कृतिक उत्सव में सोनी, सोना, खुशबू, नीता, सुनीता, सुचि, एलिशा, ज्योति, सुनील, रजनी चौधरी, रीना, गरिमा, शिल्पा, पिंकी, खुशबू शर्मा, आशीष, अनीता, आरुषि, रवि, राशि, रजनी और मेघा भटनागर सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों और अतिथियों ने हिस्सा लिया। सभी ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम को ऊर्जा से भरपूर बनाए रखा।
संस्कृति और सौहार्द का संदेश
समारोह के दौरान नेहा अग्रवाल, आरती अग्रवाल, खुशबू ठाकुर और मेघा भटनागर ने संयुक्त रूप से कहा कि हरियाली तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह हमारी समृद्ध भारतीय परंपरा और महिलाओं के अटूट उत्साह का प्रतीक है। प्रकृति के सौंदर्य से जुड़े इस पर्व पर ऐसे आयोजन महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं। इससे आपसी प्रेम, सौहार्द और सकारात्मकता का माहौल बनता है।
कार्यक्रम के समापन पर विजेता ‘तीज क्वीन’ सोना सहित सभी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी महिलाओं ने इस यादगार शाम के आयोजन के लिए नेहा अग्रवाल, आरती अग्रवाल, खुशबू ठाकुर और मेघा भटनागर की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के खूबसूरत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे।