पौड़ी गढ़वाल: वोटर लिस्ट पुनरीक्षण पर बड़ी बैठक, BLO नोटिस मिलने पर न घबराएं मतदाता; जानें पूरी बात
पौड़ी।लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में मतदाता नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों और जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों व पदाधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी एफ आर चौहान ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा करना, घर-घर जाकर एकत्र किए गए गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का आकलन करना और दावे व आपत्तियों के निस्तारण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ तालमेल बिठाना रहा।
घर-घर सत्यापन और डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा
अपर जिलाधिकारी ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले भर में विशेष गहन पुनरीक्षण का काम समय सीमा के भीतर पूरा किया जा रहा है। अभियान के पहले चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए। इसके बाद प्राप्त हुए भरे हुए फॉर्म्स का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न करा लिया गया है।
अभियान के अगले चरण के तहत 14 जुलाई 2026 को आलेख्य निर्वाचक नामावली (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) का औपचारिक प्रकाशन कर दिया गया था। इसके बाद से ही सूची को अंतिम रूप देने और विसंगतियों को दूर करने का काम लगातार जारी है।
1008 मतदान केंद्रों पर चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया
जिले में स्थित सभी 1008 मतदान केंद्रों के अंतर्गत आने वाली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड, विवरण या मैपिंग में किसी तरह की तकनीकी या कागजी विसंगति पाई जा रही है, उन्हें नियमानुसार बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
नोटिस के जरिए मतदाताओं को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर विवरण सत्यापित कराने का अवसर दिया जा रहा है।
बीएलओ का नोटिस मिले तो न हों परेशान
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी नागरिक को बीएलओ की तरफ से कोई नोटिस मिलता है, तो उसे बिल्कुल भी घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है। यह केवल एक सामान्य प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य मतदाता की पहचान और उसके पते का सही सत्यापन करना है।
संबंधित मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय में उपस्थित होकर मांगे गए आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं और अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर सकते हैं। इसके साथ ही, बीएलओ और निर्वाचन कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रक्रिया के दौरान किसी भी वैध नागरिक को बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमबद्ध तरीके से पूरी की जानी चाहिए।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं (BLA) को इस अभियान में सक्रिय करें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल आम जनता को इस विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें। जो युवा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं या जिनका नाम किन्हीं कारणों से छूट गया है, उनके नाम मतदाता सूची में जुड़वाने में मदद करें। इसके अलावा जिनके नामों में सुधार या पते में संशोधन होना है, उन्हें सही फॉर्म भरने में मार्गदर्शन दें।
राजनीतिक दलों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए प्रशासन की ओर से प्रारूप-9, 10, 11, 11ए और 11बी के सेट सभी मान्यता प्राप्त दलों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इन फॉर्मों के माध्यम से नए नाम जोड़ने, नाम हटाने या किसी भी प्रकार के संशोधन पर आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।