अल्मोड़ा (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सफर का रोमांच अक्सर हादसों की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है। ताजा मामला जनपद अल्मोड़ा के भतरौजखान थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ डढरिया के समीप एक अनियंत्रित कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर पहाड़ों पर ड्राइविंग की चुनौतियों और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, कुदरत का करिश्मा ही था कि गहरी खाई में गिरते समय कार एक विशाल पेड़ से जा टकराई, जिससे एक बड़ा और जानलेवा हादसा होते-होते टल गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब वैगनआर कार (संख्या UK 01 A 8497) भतरौजखान के स्याहीलैण से मौलेखाल बाजार की ओर जा रही थी। कार में तीन युवक सवार थे, जो अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही वाहन डढरिया के समीप पहुंचा, अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया। अनियंत्रित वाहन सड़क किनारे सुरक्षा दीवार को पार करते हुए लगभग 20 मीटर गहरी खाई में समा गया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। कार एक पेड़ के सहारे रुक गई, जिसने घायलों के लिए ‘जीवनरक्षक’ का काम किया, अन्यथा वाहन और नीचे जा सकता था।
सराहनीय रेस्क्यू और पुलिस की तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही भतरौजखान पुलिस की टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से दुर्गम पहाड़ी ढलान पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर खाई में फंसे घायलों तक पहुँच बनाई। काफी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद, तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर सड़क तक लाया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और स्थानीय लोगों की मदद की सराहना की जा रही है।
घायलों की स्थिति और उपचार
इस अल्मोड़ा सड़क हादसे में घायल हुए युवकों की पहचान इस प्रकार है:
- पवन सिंह (26 वर्ष): निवासी ग्राम सौखती हरड़ा, सल्ट।
- अजय रावत (25 वर्ष): निवासी ग्राम स्याहीलैण, सल्ट।
- कपिल सिंह (20 वर्ष): निवासी ग्राम सोखती हरड़ा, सल्ट।
रेस्क्यू के तुरंत बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल पहुँचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पवन सिंह और अजय रावत की स्थिति को अत्यंत चिंताजनक पाया। दोनों के शरीर के अंदरूनी हिस्सों और सिर पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र (रामनगर) के लिए रेफर कर दिया गया है। वहीं, तीसरे युवक कपिल सिंह को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
जांच के घेरे में दुर्घटना के कारण
उत्तराखंड न्यूज की सुर्खियों में छाई इस घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। पुलिस अब इस हादसे की जांच में जुट गई है कि दुर्घटना का मुख्य कारण वाहन की तेज गति थी, तकनीकी खराबी या फिर सड़क की खराब स्थिति। भतरौजखान पुलिस का कहना है कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और धुंध के कारण सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
बढ़ता दुर्घटनाओं का ग्राफ: एक गंभीर चिंता
उत्तराखंड में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन होने वाली इन घटनाओं में कई परिवार उजड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में तीखे मोड़ों पर साइन बोर्ड की कमी, क्रैश बैरियर का न होना और चालकों की लापरवाही ऐसे हादसों की मुख्य वजह बनती है। डढरिया हादसा एक चेतावनी है कि सफर के दौरान जरा सी चूक जीवन भर का दर्द दे सकती है।
वर्तमान में, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस और जनता का आपसी समन्वय आपदा के समय कितना महत्वपूर्ण होता है।
