उधमसिंह नगर में मजदूर नेता दलजीत सिंह पर कार्रवाई का विरोध, इंकलाबी मजदूर केंद्र ने उठाए प्रशासन पर सवाल
रुद्रपुर। उधमसिंह नगर में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष और इंटरार्क मजदूर संगठन के अध्यक्ष दलजीत सिंह के खिलाफ प्रस्तावित गुंडा एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इंकलाबी मजदूर केंद्र ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे मजदूर आंदोलनों को कमजोर करने और श्रमिक नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश बताया है।
संगठन की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया है कि जिला प्रशासन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर दलजीत सिंह को नोटिस जारी किया है और उनके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। संगठन का आरोप है कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्षेत्र में विभिन्न फैक्ट्रियों के श्रमिक वेतन, ओवरटाइम भुगतान और अन्य श्रम अधिकारों को लेकर आंदोलनरत हैं।
इंकलाबी मजदूर केंद्र का कहना है कि सिडकुल क्षेत्र में लंबे समय से मजदूरों की विभिन्न मांगें लंबित हैं। संगठन के अनुसार कई श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और कानूनी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिसके कारण लगातार विरोध प्रदर्शन और आंदोलन चल रहे हैं। ऐसे माहौल में मजदूर नेता के खिलाफ की गई कार्रवाई को संगठन श्रमिक आंदोलन को दबाने की रणनीति के रूप में देख रहा है।
बयान में यह भी दावा किया गया है कि जिन मामलों को नोटिस का आधार बनाया गया है, उनमें से कुछ मामलों में न्यायालय पहले ही राहत दे चुका है। संगठन के अनुसार एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा दलजीत सिंह को दोषमुक्त किया जा चुका है, जबकि एक अन्य मामले में उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश दिया गया है। इसके अलावा अन्य मामलों में भी उन्हें न्यायालय से जमानत प्राप्त हो चुकी है।
इंकलाबी मजदूर केंद्र ने आरोप लगाया कि इन परिस्थितियों के बावजूद गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू करना न्यायिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2022 के बाद दलजीत सिंह के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ है, इसलिए वर्तमान कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है।
संगठन ने दलजीत सिंह को क्षेत्र के सक्रिय मजदूर नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि उन्होंने सिडकुल और पंतनगर औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रेस बयान में दावा किया गया कि उन्होंने विभिन्न मजदूर आंदोलनों, किसान आंदोलनों और सामाजिक मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है। किसान आंदोलन के दौरान भी उन्होंने श्रमिकों के साथ मिलकर भागीदारी की थी।
बयान में कहा गया कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा, दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों समेत विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर भी दलजीत सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई है। संगठन का आरोप है कि इसी कारण वे कुछ उद्योगपतियों और प्रशासनिक तंत्र के निशाने पर आए हैं।
इंकलाबी मजदूर केंद्र ने हरिद्वार, नोएडा और अन्य क्षेत्रों में मजदूर नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया और इसे व्यापक स्तर पर श्रमिक आंदोलनों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा बताया। संगठन ने दावा किया कि देशभर में मजदूर संगठनों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है और श्रमिकों की आवाज को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
संगठन ने सभी मजदूर, किसान, सामाजिक और लोकतांत्रिक संगठनों से एकजुट होकर इस कार्रवाई का विरोध करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि यदि मजदूर नेताओं के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहती है तो श्रमिक संगठनों द्वारा व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक पक्ष आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।