उत्तरकाशी:देश में लगातार गर्माते प्रतियोगी परीक्षाओं के विवाद और राजनीतिक हलचलों के बीच उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ज़ोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) पेपर लीक, देश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई धक्कामुक्की एवं गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा सरकार का पुतला फूंका।
पुतला दहन के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने देश की शिक्षा प्रणाली और छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से कई कड़े कदम उठाने की मांग की।

शिक्षा और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने नीट परीक्षा में हुई धांधली और अन्य पेपर लीक मामलों की पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही, नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई घटना पर गहरा आक्रोश जताया गया।
कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक देश में अपनी मांगों को लेकर आवाज़ उठाना छात्रों का अधिकार है, लेकिन सरकार पुलिस बल के प्रयोग से आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है। ज्ञापन में इस बर्बरता और प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की गई है। इसके अलावा, सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने और धांधली में शामिल दोषियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग दोहराई गई।
“अहंकार और तानाशाही की राह पर भाजपा सरकार”
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि देश का युवा आज सड़कों पर है और उनका भविष्य अंधकारमय नज़र आ रहा है। परीक्षाओं के पेपर लीक होना अब एक आम बात बन चुकी है, जिससे सालों तक मेहनत करने वाले युवाओं का मनोबल टूट रहा है।
प्रदीप सिंह रावत ने कहा, “भाजपा सरकार पूरी तरह से अहंकार और तानाशाही की राह पर चल पड़ी है। देश के युवाओं, छात्रों और विपक्ष की न्यायसंगत आवाज़ सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। लोकतंत्र की आत्मा असहमति और संवाद में बसती है, दमन में नहीं। लेकिन मौजूदा सरकार असहमति को कुचलना चाहती है। देश की जनता और युवा सब कुछ देख रहे हैं, और लोकतंत्र में इस अहंकार का अंत होना निश्चित है।”
प्रदर्शन में एकजुट दिखे कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता
उत्तरकाशी में हुए इस उग्र प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्टी के विभिन्न संगठनों, फ्रंटल विंग्स और स्थानीय निकायों से जुड़े प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाई। कार्यक्रम में पूर्व शहर अध्यक्ष विजय सेमवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष राणा, ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र गुसाईं, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजेंद्र नौटियाल, पूर्व प्रधान नवीन भंडारी, ब्रह्मखाल के ब्लॉक अध्यक्ष एवं गिनौटी के प्रधान विनोद जयाड़ा, मास्टर ट्रेनर बिपिन नौटियाल तथा बौन के ग्राम प्रधान विनोद पड़ियार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इनके अलावा पूर्व सभासद कविता जोगेला, मधु रावत, एकादशी देवी, राखी राणा, युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीश पंवार, सूर्यबल्लभ नौटियाल, भगवानचंद शाह, रमन कटैथ, उत्तम गुसाईं, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आदर्श राणा, दीपक नेगी, डासड़ा के पूर्व प्रधान अनवीर पंवार, मनोज राही, आरजीपीएस के जिला संयोजक पपेंद्र नेगी और युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव दीपक रावत सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
युवा न्याय और लोकतंत्र की लड़ाई रहेगी जारी
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का विरोध नहीं है, बल्कि जब तक देश के छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। पार्टी ने संकल्प दोहराया कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक माफिया पर लगाम लगाने और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का यह आंदोलन निरंतर आगे बढ़ेगा।