रुद्रपुर करतारपुर बॉर्डर पर सड़क पर दौड़ा मगरमच्छ, राहगीरों में मचा हड़कंप; वन विभाग का अलर्ट जारी
रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर क्षेत्र अंतर्गत करतारपुर रोड बॉर्डर चौकी के पास उस समय अचानक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब नहर के ऊपर बनी मुख्य सड़क पर एक विशालकाय मगरमच्छ तेजी से दौड़ता हुआ दिखाई दिया। व्यस्त मार्ग पर अचानक खतरनाक जलीय जीव को देखकर राहगीरों और वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल गए। हादसे से बचने के लिए कई वाहन चालकों ने सड़क पर ही अपनी गाड़ियां रोक लीं, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाते हुए इस दुर्लभ और भयानक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया।
देखते ही देखते घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सड़क पर कुछ देर तक चहलकदमी करने और दौड़ने के बाद मगरमच्छ पास की झाड़ियों और नहर के किनारे वाले इलाके की ओर गायब हो गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या वाहन दुर्घटना की खबर नहीं है, लेकिन सड़क पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में यह घटना तेजी से चर्चा का विषय बन गई है।
सूचना मिलते ही वन विभाग ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। विभागीय कर्मचारियों ने नहर के आसपास, घनी झाड़ियों और संभावित छिपने के स्थानों पर घंटों तक सघन खोजबीन अभियान चलाया। हालांकि, काफी प्रयास के बाद भी मगरमच्छ का कोई सुराग नहीं लग सका। माना जा रहा है कि मगरमच्छ वापस गहरे पानी या घने प्राकृतिक आवास में लौट गया है।
प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया था। काफी देर तक चले तलाशी अभियान के बावजूद मगरमच्छ दोबारा दिखाई नहीं दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान नदियों, नहरों और जलाशयों का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण मगरमच्छ जैसे जलीय और जंगली जीव अपने प्राकृतिक आवास से बहकर या भटककर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में जलभराव और नहर किनारे रहने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
स्थानीय निवासियों के लिए वन विभाग की गाइडलाइंस
वन विभाग ने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीएफओ उमेश चंद्र तिवारी ने अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर मगरमच्छ या अन्य कोई हिंसक वन्यजीव दोबारा दिखाई दे, तो उसे भगाने, पकड़ने या उसके पास जाकर फोटो-वीडियो बनाने का प्रयास बिल्कुल न करें। ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग या स्थानीय पुलिस प्रशासन को दें, ताकि विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू अभियान चला सके।
इसके साथ ही, प्रशासन ने लोगों को नहरों, ताल-तलैयों और जलभराव वाले इलाकों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की हिदायत दी है। विशेष रूप से:
- रात्रि में सतर्कता: रात के समय घर से बाहर निकलते समय अनिवार्य रूप से टॉर्च का प्रयोग करें।
- अंधेरे और सुनसान रास्तों से बचें: नहर के किनारे वाले सुनसान और कच्चे रास्तों पर अकेले जाने से बचें।
- बच्चों की सुरक्षा: बच्चों को किसी भी स्थिति में अकेले नहरों, गड्डों या जलजमाव वाले स्थानों के पास न जाने दें।
मानसून में बढ़ जाता है वन्यजीवों का खतरा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बारिश के दिनों में केवल मगरमच्छ ही नहीं, बल्कि विषैले सांप और अन्य जंगली जीव भी पानी से बचने या शिकार की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। इसलिए किसी भी वन्यजीव को देखकर घबराने या उग्र होने के बजाय धैर्य बनाए रखें और सुरक्षित दूरी से प्रशासन को सूचित करें। फिलहाल, वन विभाग की टीम पूरे करतारपुर बॉर्डर और आसपास के नहर तटीय इलाकों पर निगरानी बनाए हुए है।