हरिद्वार (उत्तराखंड):उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रसिद्ध पथरेश्वर महादेव मंदिर (शिवगढ़) में हुई दो साधुओं की वीभत्स हत्या के मामले का हरिद्वार पुलिस ने महज़ कुछ ही घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य पुजारी समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। हत्या में इस्तेमाल की गई गन्ना काटने वाली पाठल (धारदार हथियार) और शवों को दफनाने के लिए इस्तेमाल किया गया फावड़ा भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे दोहरे हत्याकांड (Double Murder Case) की परतें खोलीं। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे अवैध संबंध, ब्लैकमेलिंग, शराब का नशा और मंदिर की गद्दी हथियाने का बड़ा विवाद शामिल था।
ऐसे खुली हत्या की गुत्थी: सेवादार की सतर्कता ने खोला राज
घटना का खुलासा 21 जुलाई को तब शुरू हुआ जब पथरेश्वर महादेव मंदिर के सेवादार उत्तम झा ने दूसरे सेवादार पंकज को मंदिर के दो साधुओं—पारस गिरी और सेवा गिरी—के अचानक गायब होने की सूचना दी। उत्तम झा ने अनहोनी की आशंका जताई और बताया कि उसने 18 जुलाई की देर रात मंदिर के पास के जंगल में दो लोगों (आशू और उत्तम गिरी) को संदिग्ध परिस्थितियों में गड्ढा खोदते देखा था।
सेवादार पंकज की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत मामले की तफ़तीश शुरू की। पुलिस बल जब जंगल में बताए गए स्थान पर पहुँचा और खुदाई करवाई, तो मिट्टी के नीचे से दोनों गायब साधुओं (पारस गिरी और सेवा गिरी) के क्षत-विक्षत शव बरामद हुए। शव मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की गईं।
अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग बनी हत्या की वजह
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मंदिर का मुख्य पुजारी अखिल गिरी उर्फ अंकुर (42 वर्ष) पिछले आठ सालों से पथरेश्वर महादेव मंदिर की देखरेख और व्यवस्था संभाल रहा था। जांच में सामने आया कि मुख्य पुजारी अखिल गिरी और उसके एक अन्य साथी उत्तम गिरी के बीच अवैध संबंध थे।
कुछ समय पूर्व मंदिर में आकर रहने लगे साधु पारस गिरी को इस राज की भनक लग गई थी। इसके बाद पारस गिरी और सेवा गिरी दोनों मिलकर मुख्य पुजारी अखिल गिरी को ब्लैकमेल करने लगे। दोनों साधुओं का इरादा अखिल गिरी को दबाव में रखकर पथरेश्वर महादेव मंदिर की गद्दी हथियाना था।
शराब की महफिल, पगड़ी की रस्म और फिर रची खूनी साजिश
घटना वाली रात यानी 18 जुलाई को मंदिर परिसर में कुल सात लोग मौजूद थे। रात में मुख्य पुजारी अखिल गिरी, उत्तम गिरी, आशु, राममिलन और दोनों मृतक साधुओं (पारस गिरी व सेवा गिरी) ने एक साथ बैठकर शराब पी। ब्लैकमेलिंग के दबाव में आकर अखिल गिरी ने भारी मन से सेवा गिरी को हॉल के अंदर पगड़ी पहनाकर मंदिर की गद्दी का मालिक घोषित कर दिया।
लेकिन गद्दी गंवाने और लगातार ब्लैकमेल होने के कारण अखिल गिरी और उसके साथी बेहद गुस्से में थे। पगड़ी पहनाने के तुरंत बाद ही चारों (अखिल गिरी, उत्तम गिरी, आशु और राममिलन) ने दोनों साधुओं को रास्ते से हटाने का खूनी प्लान तैयार किया। साजिश को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने बाइक से पास के सुल्तानपुर पंचेश्वर मंदिर तक का चक्कर लगाया और फिर वापस लौट आए।
सीसीटीवी बंद किए, पाठल से रेता गला और गद्दे जलाए
हत्याकांड को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने सबसे पहले मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे बंद कर दिए। उस वक्त सेवादार उत्तम झा पास के शिव मंदिर में सोने चला गया था।
- पहली हत्या: चारों आरोपियों ने हाल में सो रहे साधु सेवा गिरी पर गन्ना काटने वाली पाठल से हमला कर उसका गला रेत दिया।
- दूसरी हत्या: इसके बाद बाथरूम के पास मौजूद दूसरे साधु पारस गिरी पर हमला कर उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
दोनों की निर्मम हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को घसीटकर मंदिर से सटे जंगल में खोदे गए गड्ढे में दबा दिया। फर्श पर फैले खून के धब्बों को साफ किया गया और खून से सने गद्दे को बाहर ले जाकर जला दिया गया ताकि कोई सबूत न बचे।
गड्ढा खोदने के दौरान जब सेवादार उत्तम झा ने आरोपियों को देख लिया, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने उसका मोबाइल और सिम तोड़कर फेंक दिया और उसे तुरंत वहां से भाग जाने को कहा।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार आरोपियों का ब्योरा
मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने काठा पीर के जंगल से घेराबंदी कर तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42 वर्ष) – मुख्य पुजारी, निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर, शिवगढ़, पथरी (हरिद्वार)।
- आशु सैनी (37 वर्ष) – निवासी इस्माइलपुर, थाना लक्सर (हरिद्वार)।
- राममिलन (38 वर्ष) – निवासी गोरसाडा (उत्तरकाशी), हाल निवासी करनाल (हरियाणा)।
फरार आरोपी:
चौथा आरोपी उत्तम गिरी फिलहाल फरार है। पुलिस की विशेष टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।