हल्द्वानी (उत्तराखंड)। गौलापार क्षेत्र स्थित मानपुर पश्चिम गांव में एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर में बनी पानी की टंकी के लेंटर का ढोला (शटरिंग) खोलने के दौरान टंकी के भीतर बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों का दम घुट गया, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में मां और उनके दो बेटे शामिल हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके और गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में गई तीनों की जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानपुर पश्चिम निवासी 55 वर्षीय सरस्वती देवी, उनके 40 वर्षीय बड़े बेटे धर्मेंद्र बिष्ट और छोटे बेटे खुशाल बिष्ट अपने घर के बेसमेंट में बनी पानी की टंकी की शटरिंग खोलने की तैयारी कर रहे थे। बेसमेंट में स्थित यह पानी की टंकी लंबे समय से पूरी तरह से बंद थी।
जैसे ही परिवार का एक सदस्य टंकी के अंदर जाने या उसका ढोला खोलने के लिए पास पहुंचा, टंकी में जमा अत्यधिक जहरीली गैस और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण उसका दम घुटने लगा। उसे छटपटाते देख परिवार का दूसरा सदस्य तुरंत बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आ गया। इसके बाद तीसरे सदस्य ने भी दोनों को निकालने की कोशिश की और वह भी जहरीली गैस का शिकार हो गया। देखते ही देखते तीनों लोग टंकी के पास ही अचेत होकर गिर पड़े।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर पड़ोसी और स्थानीय लोग तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े। स्थानीय निवासियों की मदद से तीनों अचेत लोगों को बेसमेंट से बाहर निकाला गया और अविलंब हल्द्वानी स्थित राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक जहरीली गैस के संपर्क में आने और सांस में ऑक्सीजन न पहुंच पाने के कारण बेहद कम समय में दम घुटने से यह जानलेवा हादसा हुआ।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तुरंत हरकत में आई और घटना स्थल का मुआयना करने पहुंची। चोरगलिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाए।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मोनिका आर्य ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि लंबे समय से बंद बेसमेंट की अंडरग्राउंड टंकी में हवा का आवागमन (वेंटिलेशन) न होने के कारण जानलेवा जहरीली गैस बन गई थी। जब टंकी को खोला गया तो यह गैस तेजी से बाहर निकली और इस दुखद हादसे का कारण बनी। हालांकि, गैस का स्वरूप क्या था और उसकी सघनता कितनी थी, इसकी सटीक जानकारी विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
वहीं, पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) मनोज कत्याल ने बताया कि आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 के माध्यम से घटना की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही चोरगलिया थाना पुलिस बल मौके पर भेजा गया और स्थानीय नागरिकों की मदद से मूर्छित अवस्था में तीनों पीड़ितों को एम्बुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया था।
बंद टंकियों और सेप्टिक टैंकों के इस्तेमाल पर प्रशासन की चेतावनी
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने अपील की है कि लोग किसी भी लंबे समय से बंद पानी की टंकी, सेप्टिक टैंक, गहरे कुएं या बेसमेंट में बिना वेंटिलेशन और सुरक्षा उपकरणों के सीधे प्रवेश न करें।
ऐसी बंद जगहों में अक्सर कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी विषैली गैसें जमा हो जाती हैं और ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम हो जाता है। ऐसे स्थानों में प्रवेश करने से पहले ढक्कन खोलकर पर्याप्त समय के लिए हवा पास होने दें, एग्जॉस्ट फैन या सुरक्षा बेल्ट का उपयोग करें और अकेले काम करने के बजाय सुरक्षा के समुचित उपाय अवश्य सुनिश्चित करें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।