रामनगर (14 जून 2026): कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान और वन्यजीव संरक्षण को सुदृढ़ करने की दिशा में रविवार को कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई। भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) द्वारा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के तहत कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के माध्यम से स्वीकृत ‘सिलाई प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र’ परियोजना का शुभारंभ सांवल्दे ग्राम में किया गया। इस विशेष परियोजना का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा किया गया।

बुक्सा जनजाति की महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र और उसके आसपास रहने वाली महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। शुरुआती चरण में सांवल्दे ग्राम की बुक्सा जनजाति की 10 महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया है। इसके साथ ही इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 सिलाई मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत समय-समय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल से प्रशिक्षित महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित हो सकेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
स्थानीय समुदायों का आर्थिक सशक्तिकरण
उद्घाटन के अवसर पर वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि वन विभाग एवं टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन द्वारा स्थानीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में यह एक बेहद सराहनीय और दूरगामी प्रयास है। जब तक वनों के आसपास रहने वाले लोग आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होंगे, तब तक पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।

ऑपरेशन मानसून: वन्यजीव सुरक्षा के लिए मिलीं 10 मोटरसाइकिलें
कार्यक्रम के दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ‘ऑपरेशन मानसून’ के दृष्टिगत वन और वन्यजीव सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कदम उठाए गए। टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के माध्यम से प्राप्त 10 मोटरसाइकिलों को मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा हरी झंडी दिखाकर गश्त के लिए रवाना किया गया।
इन मोटरसाइकिलों की मदद से वन क्षेत्रों में सघन गश्त, त्वरित प्रतिक्रिया (क्विक रिस्पांस) और वन एवं वन्यजीव से जुड़े अपराधों की रोकथाम में वन कर्मियों को बड़ी सहायता मिलेगी। मानसून के दौरान संवेदनशील रास्तों पर वाहनों की आवाजाही मुश्किल होती है, ऐसे में ये मोटरसाइकिलें वन सुरक्षा को अभेद्य बनाने में मददगार साबित होंगी।

वन कर्मियों और ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य शिविर
इसके अतिरिक्त सांवल्दे वन परिसर में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, कर्मचारियों, दैनिक श्रमिकों, फायर वाचरों, नेचर गाइडों, जिप्सी चालकों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए एक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया। यह शिविर केवीआर हॉस्पिटल काशीपुर द्वारा निःशुल्क नेत्र परीक्षण और सिंह डेंटल क्लीनिक रामनगर द्वारा निःशुल्क दंत परीक्षण के सहयोग से आयोजित किया गया। शिविर में 80 से अधिक व्यक्तियों ने अपने नेत्र एवं दंत स्वास्थ्य का परीक्षण कराया और मुफ्त परामर्श व चिकित्सा लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समुदायों के उत्थान के साथ-साथ फ्रंटलाइन वन कर्मियों के स्वास्थ्य कल्याण को प्रोत्साहित करना भी रहा।

कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि
इस अवसर पर रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. साकेत बडोला, उप निदेशक राहुल मिश्रा, पार्क वार्डन व उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदर पाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी (कालागढ़) अमित ज्ञासीकोटी, वन क्षेत्राधिकारी (बिजरानी) नवीन चन्द्र पाण्डे, वन क्षेत्राधिकारी (ढेला) भानु प्रकाश हर्बोला, वन क्षेत्राधिकारी (झिरना) दीप चन्द्र तिवारी उपस्थित रहे।

इनके अलावा ब्लॉक प्रमुख रामनगर मंजू नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी,सांवल्दे ईडीसी अध्यक्ष तारादत्त बेलवाल, हिम्मतपुर पूर्वी ईडीसी अध्यक्ष ओम प्रकाश गौल सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और केवीआर हॉस्पिटल प्रबंधन से डॉ. कनिका अग्रवाल, डॉ. कुशाग्र अग्रवाल तथा सिंह डेंटल क्लीनिक रामनगर से डॉ. पूजा पंत एवं सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहा। यह पूरी पहल संरक्षण एवं सामुदायिक विकास के समन्वित मॉडल की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।