रुद्रपुर गैंगरेप केस: क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान कस्टडी से भागे आरोपी, पुलिस ने दबोचा तो भीड़ ने धुना
रुद्रपुर में क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान हड़कंप: कस्टडी छुड़ाकर भागे गैंगरेप के आरोपी, पुलिस ने खदेड़कर दबोचा
रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिला अंतर्गत रुद्रपुर में बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) मामले की जांच के दौरान भारी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस टीम जब आरोपियों को क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के बाद वापस कोतवाली ले जा रही थी, उसी दौरान दो आरोपियों ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। अचानक हुए घटनाक्रम से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मुस्तैद जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उन्हें फिर से दबोच लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों पर हमला कर दिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी।

ट्रैफ़िक जाम और गाड़ी खराब होने का फायदा उठाकर भागने की कोशिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर साक्ष्य जुटाने और घटना का क्रम समझने (क्राइम सीन रिक्रिएशन) के बाद वापस ला रही थी। रास्ते में भारी भीड़ और यातायात का दबाव होने के कारण पुलिस का वाहन रुक गया। इसी बीच वाहन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह बंद हो गया।
जब पुलिसकर्मी आरोपियों को दूसरे वाहन में शिफ्ट कर रहे थे, तभी दोनों आरोपियों ने मौका पाकर पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और कस्टडी छुड़ाकर भाग निकले। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुस्तैदी दिखाई और फिल्मी अंदाज में दौड़ लगाकर दोनों को कुछ ही दूरी पर दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों पर बोला धावा, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर बचाया
जैसे ही आरोपियों के भागने और पकड़े जाने की सूचना आसपास फैली, मौके पर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा था। उग्र भीड़ ने आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। भीड़ में शामिल लोग आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। इसके बाद भीड़ को पीछे धकेलकर दोनों आरोपियों को सुरक्षित पुलिस वाहन में बैठाया गया और कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाली पहुंचाया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का बयान:
“क्राइम सीन रिक्रिएशन के बाद वापसी के दौरान यातायात का दबाव था और वाहन बंद हो गया था। दूसरी गाड़ी में शिफ्टिंग के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिन्हें आवश्यक बल प्रयोग कर तुरंत पकड़ लिया गया। उग्र भीड़ को भी सूझबूझ से नियंत्रित किया गया। आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
क्या है पूरा मामला? अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की खौफनाक वारदात
घटनाक्रम की शुरुआत 25 जुलाई की रात हुई थी। सिडकुल क्षेत्र में कार्यरत एक युवती अपनी सहेली और दो परिचित युवकों के साथ भूरारानी रोड पर मौजूद थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और हथियार के बल पर अपहरण करने का प्रयास किया।
- चलती बाइक से कूदे दो लोग: बदमाशों के चंगुल से बचने के लिए एक युवक और युवती चलती बाइक से कूद गए और अपनी जान बचाई।
- युवती से गैंगरेप: बदमाश दूसरी युवती और युवक को गदरपुर की ओर ले गए। रास्ते में युवक को उतार दिया गया और युवती को सुनसान जगह पर ले जाकर तीनों आरोपियों ने पूरी रात सामूहिक दुष्कर्म किया।
- अगली सुबह छोड़ा: दरिंदे पीड़िता को अगली सुबह मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास फेंककर फरार हो गए थे।
मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारी, एक आरोपी के पैर में लगी थी गोली
घटना की शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई गई, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम की 27-28 जुलाई की दरमियानी रात करतारपुर गांव के पास बदमाशों से मुठभेड़ हो गई।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी गुरबाज के पैर में गोली लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दो अन्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घायल आरोपी गुरबाज के खिलाफ पहले से ही 17 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।