रुद्रपुर गैंगरेप कांड: पुलिस मुठभेड़ के बाद तीनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली
रुद्रपुर गैंगरेप मामला: पुलिस एनकाउंटर में तीनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक घायल
रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)।उत्तराखंड के रुद्रपुर में चर्चित गैंगरेप मामले में फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने सोमवार देर रात एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अन्य दो आरोपियों को पुलिस ने मौके से ही दबोच लिया।

सघन चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़
अपराध मुक्त देवभूमि अभियान के तहत पुलिस की टीमें लगातार शहर में संदिग्धों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देश पर पुलिस टीमें लगातार चेकिंग अभियान चला रही थीं। सोमवार देर रात कोतवाली रुद्रपुर पुलिस चौकी बगवाड़ा क्षेत्र में वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी। उसी दौरान एक बाइक पर तीन संदिग्ध युवक आते दिखे।
पुलिस टीम ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे बाइक मोड़कर तेजी से भागने लगे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा किया और उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक घायल
आरोपियों द्वारा की गई अचानक फायरिंग के बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा, जबकि बाकी दो आरोपियों को पुलिस जवानों ने घेराबंदी करके मौके पर ही पकड़ लिया। घायल आरोपी को तुरंत पुलिस अभिरक्षा में रुद्रपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
पकड़े गए तीनों आरोपी गैंगरेप प्रकरण के मुख्य अभियुक्त हैं। घटना के बाद से ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इनकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
अवैध हथियार बरामद, शस्त्र अधिनियम में मामला दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गैंगरेप में वांछित तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही मामले की मुख्य कार्रवाई पूरी हो गई है। बरामद हथियारों और पुलिस टीम पर हमले को लेकर आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में अलग से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घटना की विवेचना तेजी से पूरी की जाए, सभी वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जाएं और अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाए ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।