उत्तरकाशी: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में नदियों का विकराल रूप लगातार हादसों को न्योता दे रहा है। जनपद मुख्यालय उत्तरकाशी के पास बड़ेथी चुंगी क्षेत्र में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां वरुणा नदी में नहाने गया 18 वर्षीय युवक पानी के तेज और उफान मारते बहाव में बह गया। अचानक हुई इस घटना से ज्ञानसू और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने मौके पर पहुंचकर वरुणा नदी से लेकर गंगा नदी के संगम और आगे के तटवर्ती इलाकों में वृहद खोज एवं बचाव अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया। देर शाम तक चले कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
दोस्तों के साथ गया था नहाने, छलांग लगाते ही हुआ हादसा
आपदा कंट्रोल रूम से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ज्ञानसू निवासी अनमोल जोशी (18) पुत्र महेश जोशी रविवार दोपहर भीषण गर्मी और सुहावने मौसम के बीच अपने कुछ दोस्तों के साथ वरुणा नदी के किनारे पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों और दोस्तों के अनुसार, बड़ेथी चुंगी के पास अनमोल नदी में नहाने के लिए उतरा और उसने पानी में छलांग लगाई। हालांकि, पहाड़ियों पर हो रही लगातार बारिश के कारण नदी में जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और पानी की धारा बेहद तेज थी।
जैसे ही अनमोल ने पानी में प्रवेश किया, वह नदी के शक्तिशाली भंवर और तेज बहाव का मुकाबला नहीं कर सका। अनमोल का शारीरिक संतुलन बिगड़ा और वह देखते ही देखते गहरे पानी की ओर खिंचता चला गया।
शोर मचाने पर दौड़े ग्रामीण, आंखों के सामने ओझल हुआ युवक
अनमोल को डूबते और बहते देख उसके साथ मौजूद दोस्तों के हाथ-पांव फूल गए। दोस्तों ने जोर-जोर से चिल्लाकर आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों से मदद की गुहार लगाई। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग तुरंत नदी तट की ओर दौड़े और लकड़ी-रस्सियों के सहारे युवक को बचाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन नदी का प्रचंड वेग इतना अधिक था कि अनमोल कुछ ही पलों में उपस्थित लोगों की आंखों के सामने ओझल हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत जिला प्रशासन, कोतवाली पुलिस और आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट किया।
वरुणा से गंगा नदी तक SDRF और QRT का सघन सर्च ऑपरेशन
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ की विशेष रेस्क्यू टीम और क्यूआरटी दल आधुनिक उपकरणों, लाइफ जैकेट और राफ्ट के साथ बड़ेथी चुंगी पहुंचे। आपदा राहत दलों ने तुरंत घटनास्थल का भौगोलिक निरीक्षण किया और तीन अलग-अलग टीमों में बंटकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू टीमों ने वरुणा नदी के हर संभावित मोड़, पत्थरों के बीच के स्थानों और झाड़ियों की गहनता से पड़ताल की। चूंकि वरुणा नदी आगे जाकर भागीरथी (गंगा) में मिलती है, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन का दायरा बढ़ाते हुए गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तक भी गोताखोरों और रेस्क्यू एक्सपर्ट्स को तैनात किया गया। हालांकि, शाम ढलने और पानी में मटमैलापन अधिक होने के कारण खोज अभियान में काफी चुनौतियां पेश आईं।
क्षेत्र में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर ज्ञानसू गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण और रिश्तेदार घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। युवक के माता-पिता और परिजन भी बदहवास हालत में नदी किनारे पहुंचे। 18 वर्षीय होनहार युवक के अचानक आंखों के सामने बह जाने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग का बयान: खोज अभियान जारी रहेगा
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसांई ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक लापता युवक का पता नहीं चल जाता, तब तक आपदा प्रबंधन बल का खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा। नदी के किनारे बसे सभी गांवों और पुलिस चौकियों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: नदियों के पास जाने से बचें
मानसून और पहाड़ी इलाकों में नदियों के अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन उत्तरकाशी ने आम जनता, विशेषकर युवाओं और पर्यटकों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने सख्त अपील की है कि बरसात के मौसम में उफान मारती नदियों, बरसाती नालों और गहरे कुंडों के आसपास जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। थोड़ा सा भी दुस्साहस या लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। माता-पिता से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को नदियों और खतरनाक जल स्रोतों की तरफ जाने से रोकें।