कांवड़ मेले के लिए हरिद्वार का नया ट्रैफिक प्लान जारी, घर से निकलने से पहले जानें रूट डायवर्जन की पूरी जानकारी
- सुरक्षा व्यवस्था: मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटा गया।
- अहम तारीखें: सावन मास 28 जुलाई से शुरू, पहला सोमवार 3 अगस्त और मुख्य शिवरात्रि 11 अगस्त को।
- एक्सप्रेसवे पर पाबंदी: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
- भारी वाहनों पर रोक: 5 और 6 अगस्त की मध्यरात्रि से 11 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।
हरिद्वार में कांवड़ मेले की शुरुआत, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हरिद्वार, 29 जुलाई: श्रावण मास की कांवड़ यात्रा 2026 के मद्देनजर हरिद्वार में बड़े पैमाने पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरे क्षेत्र को प्रशासनिक स्तर पर 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित करके पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।
हरिद्वार पुलिस द्वारा यातायात को व्यवस्थित रखने और आमजन को असुविधा से बचाने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान (Traffic Plan) जारी कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे हरिद्वार आने से पूर्व जारी रूट डायवर्जन और यातायात निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर लें और तदनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
सावन मास 2026: मुख्य पर्व और तिथियां
इस वर्ष श्रावण मास की शुरुआत 28 जुलाई से हो चुकी है। इस दौरान चार सोमवार पड़ेंगे, जिनकी तिथियां इस प्रकार हैं:
- पहला सोमवार: 03 अगस्त 2026
- दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा सोमवार: 24 अगस्त 2026
- मुख्य शिवरात्रि पर्व: 11 अगस्त 2026
सावन के दौरान मुख्य रूप से 11 अगस्त को शिवरात्रि के मुख्य जलाभिषेक पर्व को देखते हुए हरिद्वार जनपद में भारी वाहनों, रोडवेज बसों, निजी बसों और यात्री गाड़ियों के लिए विशेष डायवर्जन योजना लागू रहेगी।
सामान्य दिनों में हरिद्वार आने-जाने वाले वाहनों का रूट
सामान्य स्थिति में विभिन्न राज्यों से हरिद्वार पहुंचने वाले हल्के वाहनों और यात्रियों के लिए निम्नलिखित मार्ग निर्धारित किए गए हैं:
- दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मंगलौर से: दिल्ली-मेरठ राजमार्ग से मुजफ्फरनगर और मंगलौर होते हुए सीधे हरिद्वार।
- हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, सहारनपुर से: मंडावर, सालियर चौक, बढ़ेड़ी राजपूतान होते हुए हरिद्वार।
- दिल्ली एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन: मंडावर, सालियर चौक, बढ़ेड़ी राजपूतान मार्ग का उपयोग कर हरिद्वार पहुंचेंगे।
- देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहन: नेपाली तिराहा, रायवाला होते हुए हरिद्वार में प्रवेश करेंगे।
- नैनीताल, नजीबाबाद और श्यामपुर से: श्यामपुर मार्ग से होते हुए हरिद्वार प्रवेश।
कांवड़ वाहनों के लिए विशेष रूट और पार्किंग व्यवस्था
कांवड़ यात्रियों के वाहनों को शहर के भीतरी हिस्सों में जाम लगाने से रोकने के लिए पुलिस ने विशिष्ट पार्किंग स्थल और मार्ग निर्धारित किए हैं:
1. सहारनपुर, यमुनानगर और मुजफ्फरनगर मार्ग से आने वाले कांवड़ वाहन
- सहारनपुर/यमुनानगर की तरफ से आने वाले कांवड़ वाहन मंडावर से सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला इमरती, लक्सर, एस.एम. तिराहा होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में पार्क कराए जाएंगे।
- यदि दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक बढ़ता है, तो वाहनों को रामपुर तिराहा से कोलकी टोल प्लाजा, बड़कलां, मंडावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला इमरती, लक्सर, एस.एम. तिराहा के रास्ते बैरागी कैंप भेजा जाएगा।
- निकासी व्यवस्था: बैरागी कैंप में पार्क किए गए कांवड़ वाहनों की वापसी श्मशान घाट पुल, श्रीयंत्र पुल, बूढ़ी माता तिराहा, देशरक्षक तिराहा, सिंह द्वार से एनएच-334 (NH-334) होते हुए कराई जाएगी।
2. मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद मार्ग से आने वाले कांवड़ वाहन
- इस रूट से आने वाले वाहनों को चिड़ियापुर से गेंडीखाता, 4.2 डायवर्जन के रास्ते गौरीशंकर पार्किंग एवं नीलधारा पार्किंग में पार्क कराया जाएगा।
3. देहरादून और ऋषिकेश मार्ग से आने वाले कांवड़ वाहन
- देहरादून और ऋषिकेश की ओर से आने वाले कांवड़ वाहन नेपाली तिराहा से सप्तऋषि तिराहा, दूधाधारी फ्लाईओवर होते हुए चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग में पार्क किए जाएंगे।
| बस का प्रकार | रूट / दिशा | निर्धारित मार्ग एवं पार्किंग स्थल |
|---|---|---|
| रोडवेज बसें | देहरादून / ऋषिकेश से | नेपाली तिराहा, रायवाला, दूधाधारी तिराहा से मोतीचूर पार्किंग |
| रोडवेज बसें | दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से | दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, मंडावर, अब्दुल कलाम चौक से ऋषिकुल मैदान (वापसी इसी रूट से) |
| रोडवेज बसें | नजीबाबाद रूट से | नजीबाबाद, लाड़पुर, 4.2 तिरछा पुल से नीलधारा / गौरीशंकर पार्किंग |
| रोडवेज बसें | बिजनौर, नैनीताल की ओर | अपने निर्धारित नियमित रूटों से ही संचालित होंगी |
| प्राइवेट बसें | देहरादून / ऋषिकेश से | नेपाली तिराहा, रायवाला, दूधाधारी तिराहा से मोतीचूर पार्किंग |
| प्राइवेट बसें | दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर से | दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, मंडावर, नगला इमरती, लक्सर से बैरागी कैंप पार्किंग |
| प्राइवेट बसें | नजीबाबाद रूट से | लहाड़पुर, गेंडीखाता, 4.2 डायवर्जन से नीलधारा / गौरीशंकर पार्किंग |
| प्राइवेट बसें | नैनीताल, काशीपुर जाने हेतु | लहाड़पुर से नजीबाबाद, काशीपुर होकर नैनीताल (वापसी इसी मार्ग से होगी) |
ध्यान दें: दिल्ली से देहरादून और देहरादून से दिल्ली जाने वाली सभी यात्री बसें अनिवार्य रूप से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का ही प्रयोग करेंगी।
भारी वाहनों (Heavy Vehicles) के लिए नियम एवं समय-सारणी
कांवड़ यात्रा के दौरान भारी मालवाहक और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर कड़ी पाबंदियां लागू रहेंगी:
- मुरादाबाद, बिजनौर और नजीबाबाद दिशा: भारी वाहनों को चिड़ियापुर/कांगड़ी पार्किंग में ही रोककर पार्क कराया जाएगा।
- दिल्ली-मेरठ दिशा: हरिद्वार आने वाले भारी मालवाहक वाहनों को मंडावर के पास पार्क कराया जाएगा।
- समय-सीमा (29/30 जुलाई से 4 अगस्त तक): भारी वाहनों को केवल रात्रि 12:00 बजे से प्रातः 04:00 बजे तक ही आवाजाही की अनुमति होगी।
- पूर्ण प्रतिबंध (5/6 अगस्त से 11 अगस्त तक): सावन शिवरात्रि के मुख्य स्नान और डाक कांवड़ के चरम समय के दौरान भारी वाहनों का हरिद्वार सीमा में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के लिए वैकल्पिक मार्ग
कांवड़ मेले के दौरान चारधाम यात्रियों को जाम से बचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों का नक्शा तैयार किया है:
- केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालु: दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले यात्री मेरठ से गढ़मुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर होकर केदारनाथ व बदरीनाथ जा सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का प्रयोग भी कर सकते हैं।
- गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालु: दिल्ली, मेरठ व मुजफ्फरनगर से गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले यात्री दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करेंगे।
- दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरियाणा की ओर जाने वाले पैदल कांवड़िए: हर की पैड़ी से रोड़ीबेलवाला रैंप, केशव आश्रम तिराहा, ओमपुल रेगुलेटर पुल, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार चौक, आर्यनगर चौक, लालपुल, जटवाड़ा पुल होकर बहादराबाद नहर पटरी से अपने गंतव्य को जाएंगे।
- मुरादाबाद और नजीबाबाद की ओर जाने वाले पैदल कांवड़िए: हर की पैड़ी से सीसीआर चौक, दीनदयाल पार्किंग अंडरपास, आनंद वन समाधि पार्किंग, चंडी चौक, 4.2 तिरछा पुल नहर पटरी, रसियाबढ़ होते हुए नजीबाबाद/मुरादाबाद मार्ग पर बढ़ेंगे।
- देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाले पैदल कांवड़िए: हर की पैड़ी, भीमगोड़ा, खड़कड़ी, सूखी नदी बैरियर, दूधाधारी तिराहा होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 34 (NH-34) के रास्ते आगे बढ़ेंगे।
निष्कर्ष और प्रशासनिक अपील
कांवड़ मेला 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए हरिद्वार पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, चारधाम यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और केवल अधिकृत पार्किंग स्थलों में ही अपने वाहन खड़े करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस सहायता केंद्र या कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है।