हरिद्वार।उत्तराखण्ड के पर्वतीय इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश का मैदानी क्षेत्रों में विनाशकारी असर देखने को मिल रहा है। हरिद्वार के खड़खड़ी क्षेत्र स्थित सूखी नदी में अचानक आए उफान से अफरा-तफरी मच गई। तेज पानी के बहाव में रपटे (कॉज़वे) पर खड़ी दो चार पहिया गाड़ियाँ बह गईं। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल ने जेसीबी तथा क्रेन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद दोनों वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

अचानक बढ़ा जलस्तर, रपटे से बही कारें
उत्तराखण्ड के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हरिद्वार के खड़खड़ी क्षेत्र स्थित श्मशान घाट के समीप से होकर बहने वाली सूखी नदी में अचानक से पानी का भारी सैलाब आ गया। श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के सिलसिले में आए लोगों ने अपने वाहन नदी के रपटे पर पार्क किए हुए थे।
बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों से आए तेज पानी के बहाव ने पलक झपकते ही रौद्र रूप धारण कर लिया। इससे पहले कि लोग अपनी गाड़ियों को हटा पाते, पानी का वेग इतना तेज हो गया कि रपटे पर खड़ी दो कारें ताश के पत्तों की तरह पानी में बहने लगीं। पानी के प्रचंड वेग को देखते हुए मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने जान जोखिम में डालने का साहस नहीं किया।

पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची। शुरुआत में पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई, लेकिन जैसे ही जलस्तर में थोड़ा सुधार हुआ, पुलिस प्रशासन ने क्रेन और जेसीबी मशीनों को तैनात किया। भारी मशीनों की मदद से नदी के निचले हिस्से में फँसी दोनों कारों को खींचकर बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि आगे गंगा नदी का जलस्तर बहुत अधिक नहीं था, जिससे गाड़ियाँ रपटे से कुछ दूरी पर जाकर रुक गईं और बड़ा हादसा टल गया।

चेतावनी के बावजूद खतरे की जगह पार्किंग
सूखी नदी का क्षेत्र बरसाती नदी की श्रेणी में आता है, जहाँ पहाड़ों पर हल्की सी भी बारिश होने पर जलस्तर अचानक कई फीट तक बढ़ जाता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा इस पूरे क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें साफ़ तौर पर लिखा गया है कि सूखी नदी के पेटे या रपटे पर गाड़ियाँ खड़ी करना सख्त मना है।
इसके बावजूद बाहर से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग चेतावनी की अनदेखी करते हुए श्मशान घाट या आसपास के क्षेत्रों में जाते समय वाहनों को रपटे पर पार्क कर देते हैं। मानसून के मौसम में यह लापरवाही बेहद खतरनाक साबित हो रही है।

नए पुल का निर्माण कार्य जारी
सूखी नदी में वाहन बहने और यात्रियों के फँसने की घटना कोई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई बार यहाँ भारी जलभराव और उफान के कारण गाड़ियाँ बहने की गंभीर घटनाएँ दर्ज की जा चुकी हैं। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए कुंभ मेला बजट के अंतर्गत सूखी नदी पर एक नए और ऊँचे पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
हालाँकि, निर्माण कार्य जारी रहने के कारण हाल ही में संपन्न हुए कांवड़ मेले से पहले इस पुल का काम पूरा नहीं हो सका था। प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी कुंभ मेले के आयोजन से पूर्व इस पुल का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के हादसों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

पुलिस प्रशासन ने जारी की सख्त हिदायत
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम को देखते हुए पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बहती कारों को सफलता पूर्वक बाहर निकाल लिया और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रशासन ने हरिद्वार आने वाले सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे बरसाती नदियों, नालों और सूखी नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में अपने वाहन किसी भी परिस्थिति में पार्क न करें। प्रशासन द्वारा शहर में निर्धारित और सुरक्षित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, जिससे किसी भी सम्भावित जन-धन की हानि से बचा जा सके।