रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन को वन और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। कॉर्बेट नेशनल पार्क की बिजरानी वन रेंज के अंतर्गत अवैध सागौन पातन (कटान) मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त सुलेमान को आखिरकार पुलिस और वन विभाग की संयुक्त मुस्तैदी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। अभियुक्त को रामनगर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उसे 22 जून 2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश पारित कर दिए हैं। इस कार्रवाई से वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वाले माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह पूरा मामला बिजरानी वन क्षेत्र के अंतर्गत ‘फूलताल ब्लॉक, आमडण्डा पुरानी बीट (नई प्रस्तावित रिंगौड़ा बीट) के कक्ष संख्या-03’ से जुड़ा हुआ है। दिनांक 28 मार्च 2025 को इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप बहुमूल्य सागौन के वृक्षों का अवैध पातन (कटान) किया गया था। इस गंभीर वन अपराध पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बिजरानी रेंज में वन अपराध संख्या 06/बिजरानी/2024-25 पंजीकृत किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही वन विभाग की टीम लगातार इसकी गहन विवेचना और जांच में जुटी हुई थी।
जांच में सामने आया अभियुक्त सुलेमान का नाम
मामले की विस्तृत जांच के दौरान जांच अधिकारी को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर इस प्रकरण में अभियुक्त सुलेमान पुत्र शमशेर अली, निवासी ग्राम बच्चीपुर धमोला की सीधे तौर पर संलिप्तता प्रकाश में आई। अभियुक्त की पहचान सुनिश्चित होने के बाद जांच अधिकारी द्वारा सुलेमान को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए कई बार कानूनी नोटिस प्रेषित कर तमिल करवाए गए। इसके बावजूद अभियुक्त कानून की प्रक्रिया से बचता रहा और एक बार भी जांच टीम के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। नोटिस की अनदेखी करने के बाद अभियुक्त सुलेमान लगातार फरार चल रहा था।
न्यायालय से जारी हुआ था गैर-जमानती वारंट
अभियुक्त सुलेमान की लगातार अनुपस्थिति और जांच में सहयोग न करने के रुख को देखते हुए वन विभाग ने सख्त कानूनी कदम उठाने का निर्णय लिया। इसके तहत रामनगर न्यायालय से उक्त अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने हेतु अपील की गई। मामले की गंभीरता और वन संपदा की चोरी से जुड़े तथ्यों को देखते हुए न्यायालय रामनगर द्वारा अभियुक्त सुलेमान के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया गया।
रामनगर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तारी
न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में रामनगर पुलिस और वन विभाग की टीमों ने अभियुक्त की तलाश तेज कर दी। सटीक सूचना के आधार पर दिनांक 12 जून 2026 को रामनगर पुलिस द्वारा फरार अभियुक्त सुलेमान को रामनगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। सुलेमान की गिरफ्तारी की तत्काल सूचना पार्क वार्डन बिन्दर पाल को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने आगे की कानूनी कार्रवाई की कमान संभाली।
अभियुक्त ने कबूला अपना गुनाह
गिरफ्तारी के बाद दिनांक 12 जून 2026 को ही पार्क वार्डन बिन्दर पाल द्वारा अभियुक्त सुलेमान के विस्तृत बयान दर्ज किए गए। वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष कड़ी पूछताछ में अभियुक्त सुलेमान ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी क्षेत्र में किए गए अवैध सागौन पातन के अपराध को पूरी तरह से कबूल कर लिया। अभियुक्त के इकबालिया बयान और आवश्यक विधिक कागजी कार्रवाई पूर्ण करने के उपरांत वन विभाग की टीम ने उसे न्यायालय रामनगर के समक्ष पेश किया।
22 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल
रामनगर न्यायालय ने मामले के तथ्यों, वन अपराध की गंभीरता और अभियुक्त के लंबे समय तक फरार रहने के रिकॉर्ड को देखते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त सुलेमान को दिनांक 12 जून 2026 से 22 जून 2026 तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में कारागार (जेल) भेजने के आदेश पारित किए गए। कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
कॉर्बेट प्रशासन की दो टूक: अवैध गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं
इस बड़ी कामयाबी के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अपनी नीति को एक बार फिर साफ किया है। मीडिया सेल कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ओर से जारी बयान में स्पष्ट कहा गया है कि उत्तराखंड की अनमोल वन एवं वन्यजीव संपदा को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। वन एवं वन्यजीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कॉर्बेट पार्क की सीमा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।