देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ आज 19 अप्रैल, रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हो गया है। यात्रा की शुरुआत के साथ ही आज सबसे पहले गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:15 बजे और यमुनोत्री धाम के कपाट 12:35 बजे विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे।
चारधाम यात्रा को लेकर प्रदेशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। प्रशासन, मंदिर समितियों और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

डोलियों के साथ शुरू हुआ आध्यात्मिक सफर
मां गंगा की भोग मूर्ति की डोली शनिवार को अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव से रवाना होकर भैरों घाटी पहुंची थी। रविवार सुबह डोली भैरों घाटी से गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान कर चुकी है। धाम पहुंचने के बाद विशेष पूजा-अर्चना, गंगा सहस्रनाम पाठ और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कपाट खोले जाएंगे।
इसी तरह मां यमुना की डोली भी अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव से प्रातः 8:38 बजे शनिदेव की अगुवाई में यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। डोली के धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान, हवन और पूजा के पश्चात रोहिणी नक्षत्र में 12:35 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
आगे इन तिथियों पर खुलेंगे अन्य धाम
चारधाम यात्रा के तहत अन्य प्रमुख धामों के कपाट भी निर्धारित तिथियों पर खोले जाएंगे।
22 अप्रैल: केदारनाथ धाम
23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम
इन चारों धामों के कपाट खुलने के बाद अगले छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के कड़े इंतजाम की
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। यात्रा मार्ग को दो सुपरजोन, 12 जोन और 30 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां अधिकारियों की तैनाती की गई है।
पूरे मार्ग पर 6 थाने, 9 रिपोर्टिंग चौकियां, 13 सीजनल चौकियां और 12 पर्यटन पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, एटीएस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें तैनात हैं। महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस कर्मियों की भी विशेष नियुक्ति की गई है।
स्वास्थ्य सेवाएं और यात्रियों की सुविधा
यात्रियों की सुविधा के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी विशेष इंतजाम किए हैं, जिनमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, मेडिकल ऑफिसर और स्वास्थ्य मित्र शामिल हैं। जानकीचट्टी, बड़कोट और जिला अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा
पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर लगातार समीक्षा की है। उन्होंने स्वयं ग्राउंड पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के निर्देश दिए हैं।
