देहरादून।उत्तराखंड में आस्था और उत्साह के साथ जारी चारधाम यात्रा का आज तीसरा दिन है और भक्तों की भारी भीड़ के बीच यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। सबसे प्रमुख धामों में से एक केदारनाथ धाम के लिए बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली आज गौरीकुंड से रवाना हो चुकी है। लगभग 18 किलोमीटर की कठिन और खड़ी चढ़ाई पार कर यह डोली आज शाम तक धाम पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं का इंतजार भी खत्म होने वाला है, क्योंकि कल सुबह 8 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट विधिवत रूप से खोल दिए जाएंगे।
उधर, बदरीनाथ धाम के लिए भी तैयारियां जोरों पर हैं। भगवान बद्री विशाल की शीतकालीन गद्दी आज सुबह 11:30 बजे जोशीमठ स्थित नरसिंह मंदिर से बदरीनाथ के लिए रवाना हो रही है। करीब 42 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर यह डोली बुधवार शाम तक बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
इस बीच, चारधाम यात्रा के अन्य दो प्रमुख धाम गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। यात्रा के शुरुआती तीन दिनों में ही 20 हजार से अधिक भक्त इन धामों के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन के अनुसार, इस बार यात्रा को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिससे भीड़ लगातार बढ़ रही है।
ऊखीमठ से शुरू हुई बाबा केदार की यात्रा
बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने 19 अप्रैल को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ से प्रस्थान किया था। पहले दिन लगभग 30 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर डोली फाटा पहुंची, जहां आर्मी बैंड की मधुर धुनों और स्कूली बच्चों के जयकारों के बीच भव्य स्वागत किया गया।
इसके बाद डोली सोमवार सुबह फाटा से रवाना हुई और शाम तक गौरीकुंड पहुंची। आज सुबह गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए अंतिम चरण की यात्रा शुरू हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि बाबा केदार की डोली पिछले 178 दिनों तक ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान रही, जहां शीतकालीन पूजा-अर्चना संपन्न होती है।
छह महीने बाद फिर खुलेंगे कपाट
पिछले वर्ष 23 अक्टूबर 2025 को भैया दूज के अवसर पर सुबह 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। इसके बाद बाबा की डोली रामपुर और गुप्तकाशी होते हुए तीन दिन की पैदल यात्रा कर 25 अक्टूबर को ऊखीमठ पहुंची थी। वहां पूरे छह महीने तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
अब एक बार फिर गर्मियों के आगमन के साथ बाबा केदारनाथ अपने धाम लौट रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। हर साल की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होने के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे हैं।
गंगोत्री-यमुनोत्री में पहले ही दिन से भारी भीड़
चारधाम यात्रा की शुरुआत रविवार से हो चुकी है। उसी दिन दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री धाम और 12:35 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। कपाट खुलते ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचने लगे, जिससे शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली।
गौरतलब है कि गंगोत्री धाम के कपाट पिछले वर्ष 22 अक्टूबर 2025 को अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) के अवसर पर बंद किए गए थे, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज के दिन शीतकाल के लिए बंद हुए थे।
यात्रा में बढ़ती भीड़, प्रशासन अलर्ट
चारधाम यात्रा के शुरुआती दिनों में ही जिस तरह से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है, उससे प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। साथ ही यात्रियों से पंजीकरण और नियमों का पालन करने की अपील भी की जा रही है।
कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा 2026 ने जोरदार शुरुआत की है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पूरा उत्तराखंड एक बार फिर भक्ति और आस्था के रंग में रंगता नजर आएगा।
