उत्तराखंड: रामनगर में सनसनीखेज अपहरण और मारपीट का मामला, पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को दबोचा
रामनगर (नैनीताल):उत्तराखंड के रामनगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण और उनके साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित की पत्नी की लिखित तहरीर पर मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य आरोपी होशियार सिंह भंडारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित पत्नी ने एफआईआर में अपने पति की हत्या कर दिए जाने की भी गंभीर आशंका जताई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पीड़ित का पता लगाने और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, 22 मई 2026 को रामनगर थाने में पीड़िता सुमन देवी ने उपस्थित होकर एक लिखित तहरीर दाखिल की थी। इस तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नामजद लोगों ने साजिश के तहत उनके पति का अपहरण कर लिया है। सुमन देवी ने इस वारदात को अंजाम देने के पीछे होशियार सिंह भंडारी, दर्शन जोशी, कमल भट्ट, विशाल और काशीपुर के कुछ ठेकेदारों को नामजद करते हुए सीधा आरोप लगाया है।
पीड़िता का कहना है कि इन सभी आरोपियों ने मिलकर उनके पति को अगवा किया, उनके साथ गाली-गलौज की, बेरहमी से मारपीट की और उनकी हत्या करने की नीयत से उन्हें गायब कर दिया है। महिला की इस गंभीर शिकायत के बाद रामनगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए तत्काल वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत
महिला द्वारा दी गई तहरीर में लगाए गए संगीन आरोपों के आधार पर रामनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर नंबर 160/26 पंजीकृत की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया है:
- धारा 103(1): हत्या (पत्नी द्वारा लगाए गए आरोप और आशंका के आधार पर)
- धारा 140(3): फिरौती, नुकसान पहुँचाने या गायब करने के उद्देश्य से अपहरण करना
- धारा 115(2): स्वेच्छा से किसी को गंभीर चोट पहुँचाना या मारपीट करना
- धारा 352: शांति भंग करने और अपमानित करने के इरादे से हमला करना
सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से खुला सुराग
मुकदमा दर्ज होते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जांच टीम सक्रिय हो गई। पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के संभावित रूटों पर लगे तमाम सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को बारीकी से खंगाला। इसके साथ ही पुलिस ने घटना के समय मौके पर या आसपास मौजूद चश्मदीद गवाहों को चिन्हित कर उनके बयान भी दर्ज किए।
सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी अवलोकन और चश्मदीद गवाहों से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर पुलिस को नामजद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में बड़ी कामयाबी मिली। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनसे कड़ाई से पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का पूरा विवरण
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- होशियार सिंह भंडारी (उम्र 44 वर्ष): पुत्र अनूप सिंह भंडारी। यह आरोपी मूल रूप से ग्राम गोवाईपानी, पोस्ट चित्तौड़खाल, थाना सल्ट, जनपद अल्मोड़ा का निवासी है। वर्तमान समय में वह घासमंडी, बिजलीघर के पास, रामनगर (नैनीताल) में रह रहा था।
- विशाल सैनी (उम्र 26 वर्ष): पुत्र मदन सैनी। यह आरोपी भवानीपुर सलिया, गेबुआ, कालाढूंगी (नैनीताल) का रहने वाला है।
रामनगर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी मेडिकल जांच कराई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश किया। जहाँ से माननीय न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में जेल भेज दिया गया है।
अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को भले ही जेल भेज दिया हो, लेकिन वारदात में नामजद अन्य सह-आरोपी—दर्शन जोशी, कमल भट्ट और काशीपुर के कुछ ठेकेदार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
चूंकि इस वारदात में काशीपुर के ठेकेदारों के नाम भी सामने आए हैं, इसलिए पुलिस आपसी रंजिश, पैसों के लेनदेन या किसी व्यावसायिक विवाद के कोण से भी मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पकड़े गए आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ के बाद ही पीड़ित व्यक्ति की सही स्थिति और इस पूरे घटनाक्रम का वास्तविक खुलासा हो सकेगा।