देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में प्रदेश के भीतर ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया तेजी से जारी है। इस महत्वपूर्ण अभियान को सुचारू रूप से चलाने और जमीनी स्तर पर इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में तमाम राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की और राजनीतिक दलों से ‘अनकलेक्टेड श्रेणी’ में आने वाले मतदाताओं के घर-घर जाकर होने वाले सत्यापन अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की।
1 जुलाई की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहा है अभियान
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि उत्तराखंड में 1 जुलाई 2026 की अर्हता (Eligibility) तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया को संपन्न किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश में बीती 8 जून से लेकर 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और उनके डिजिटलाइजेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाना है।
जोगदंडे ने बैठक में मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आंकड़ों से अवगत कराते हुए बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड में कुल 79 लाख 60 हजार 762 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से अब तक 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फॉर्म को सफलतापूर्वक डिजिटाइज कर दिया गया है। आयोग का लक्ष्य तय समय सीमा के भीतर सभी वैध मतदाताओं के डाटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट करना है।
8.39 लाख मतदाता ‘अनकलेक्टेड श्रेणी’ में शामिल, आयोग ने दिया ब्यौरा
समीक्षा बैठक में यह बात भी सामने आई कि प्रदेश में एक बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है जो ‘अनकलेक्टेड श्रेणी’ के अंतर्गत आते हैं। मुख्य निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता इस श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। आयोग ने इस श्रेणी का पूरा वर्गीकरण भी प्रस्तुत किया है, जिसके तहत:
- मृत मतदाता: 1 लाख 23 हजार 836 मतदाता मृत पाए गए हैं, जिनके नाम सूची से हटाए जाने हैं।
- स्थायी रूप से शिफ्ट: 4 लाख 77 हजार 148 मतदाता अपने मूल स्थान से स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं।
- पहले से पंजीकृत: 61,764 मतदाता ऐसे हैं जो पहले से ही किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत हैं।
- अनुपस्थित (Absent): 1 लाख 68 हजार 259 मतदाता अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए।
- अन्य कारण: इसके अलावा 8,479 मतदाता अन्य तकनीकी या व्यक्तिगत कारणों से इस विशेष श्रेणी में शामिल किए गए हैं।
14 जुलाई को आएगा ड्राफ्ट रोल, ऑनलाइन देख सकेंगे नाम
मतदाताओं की सहूलियत के लिए निर्वाचन आयोग ने पूरे कार्यक्रम की समय सारिणी साझा की है। डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि आगामी 14 जुलाई को मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल (प्रारूप) का प्रकाशन कर दिया जाएगा। ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद आम जनता और राजनीतिक दल ऑनलाइन माध्यम से सूची में अपना नाम देख सकेंगे।
इसके साथ ही, 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच जनता को अपने नाम, पते या किसी अन्य विवरण में सुधार के लिए दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने का पर्याप्त समय दिया जाएगा। 14 जुलाई से शुरू होकर 11 सितंबर तक नोटिस की अवधि और प्राप्त हुई सभी दावों व आपत्तियों का निस्तारण (Disposal) किया जाएगा। सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का भव्य प्रकाशन किया जाएगा।
राजनीतिक दलों से BLA नियुक्त करने की अपील, अब तक 23 हजार की तैनाती
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) नियुक्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर सत्यापन कार्य को मजबूत करने के लिए दलों ने तत्परता दिखाई है। वर्तमान में उत्तराखंड में कुल 11,733 पोलिंग बूथ हैं, जिनके सापेक्ष विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अब तक कुल 23 हजार 102 बीएलए (BLA) की तैनाती कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक दलों के सहयोग से इस बार उत्तराखंड की मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध और सटीक बनेगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।