देहरादून।उत्तराखंड में मानसून का प्रचंड रूप देखने को मिल रहा है। पिछले छह दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक नदियों का जलस्तर उफान पर है और भूस्खलन की घटनाओं से जनधन को भारी नुकसान पहुंचा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के देहरादून केंद्र ने राज्य के 9 प्रमुख जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में 27 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां बेहद तेज रहने का अनुमान है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इन 9 जिलों में मौसम विभाग की कड़ी चेतावनी
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है। इन जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में भी बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
85 सड़कें ठप, देहरादून-मसूरी मार्ग पर भारी वाहनों की नो-एंट्री
लगातार बारिश और पहाड़ियों से दरकते मलबे के कारण राज्य की सड़क कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में कुल 85 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग (बीआरओ) की 1 सड़क, 3 स्टेट हाईवे, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की 8 सड़कें और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली पीएमजीएसवाई की 73 सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा, देहरादून-मसूरी मार्ग के पानीवाला बैंड पर अत्यधिक बारिश की वजह से सुरक्षा दीवार ढह गई है। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। केवल हल्के वाहनों को ही सावधानीपूर्वक आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।
आपदा में अब तक 43 मौतें, भूस्खलन का बढ़ा खतरा
कुदरत के इस कहर ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। प्राकृतिक आपदाओं और हादसों में अब तक 43 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 46 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। राहत और बचाव दल एक लापता व्यक्ति की तलाश में जुटे हुए हैं। मानसून के अति-सक्रिय होने के कारण संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा लगातार मंडरा रहा है। चट्टानों के खिसकने से यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
राजधानी देहरादून का मिजाज और 3 दिनों का पूर्वानुमान
राजधानी देहरादून में आज आसमान में काले बादलों का डेरा रहेगा। दिनभर रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने के आसार हैं। देहरादून में आज का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
आगामी तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान:
- 23 अगस्त: प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
- 24 अगस्त: मानसून पूरी ताकत से सक्रिय रहेगा। कई जिलों में बिजली चमकने के साथ पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश आफत बन सकती है।
- 25 अगस्त: बारिश का सिलसिला थमेगा नहीं। राज्य भर में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।
प्रशासन की अपील और बचाव कार्य
आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं। संवेदनशील इलाकों में एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने आम जनता, पर्यटकों और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा का प्लान बनाएं और नदी-नालों के पास जाने से बचें।