उत्तरकाशी में डुण्डा पुलिस की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी, 3 घंटे में दो नाबालिग बालिकाएं सकुशल बरामद


उत्तरकाशी: जनपद उत्तरकाशी में डुण्डा पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। नेपाली मूल की दो नाबालिग बालिकाएं घर से नाराज होकर बिना बताए चली गई थीं, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए खोजबीन शुरू की और महज तीन घंटे के भीतर दोनों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौकी डुण्डा पुलिस को सूचना मिली कि दो नाबालिग बालिकाएं घर से लापता हो गई हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय ने तुरंत पुलिस टीम को अलर्ट करते हुए खोज अभियान चलाने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संभावित स्थानों पर तलाश शुरू कर दी।


स अभियान का नेतृत्व प्रभारी चौकी डुण्डा प्रकाश राणा कर रहे थे। उनकी अगुवाई में पुलिस टीम ने क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ, आसपास के इलाकों में तलाशी और संभावित स्थानों की निगरानी करते हुए महज तीन घंटे के भीतर दोनों बालिकाओं को अस्थल गांव स्थित एक स्कूल से सुरक्षित बरामद कर लिया।

जांच के दौरान सामने आया कि एक बालिका स्कूल जाने को लेकर घर में डांट खा गई थी, जिससे वह नाराज हो गई। गुस्से में उसने अपनी सहेली को साथ लिया और दोनों घर से निकल गईं। वे आगे कहीं दूर जाने की योजना बना रही थीं, लेकिन उससे पहले ही स्कूल परिसर में छिप गईं। इस दौरान परिजन उनकी तलाश में परेशान हो रहे थे और किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित थे।

पुलिस टीम ने दोनों बालिकाओं को बरामद करने के बाद उन्हें समझाते हुए काउंसलिंग की। इस दौरान उन्हें शिक्षा के महत्व, परिवार के मार्गदर्शन और जीवन में सही दिशा चुनने के बारे में बताया गया। पुलिस ने बच्चियों को यह भी समझाया कि ऐसे कदम भविष्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं और किसी भी समस्या का समाधान संवाद से निकाला जा सकता है।

काउंसलिंग के बाद दोनों बालिकाओं को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चियों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता साफ तौर पर देखने को मिली।

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि यदि समय रहते पुलिस को सूचना दी जाए और त्वरित कार्रवाई की जाए, तो बड़े हादसों को टाला जा सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि अभिभावक बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें, ताकि वे किसी भी गलत कदम की ओर न बढ़ें।

डुण्डा पुलिस की इस मुस्तैदी की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल दो मासूम जिंदगियां सुरक्षित बच गईं, बल्कि एक संभावित बड़ी घटना भी टल गई। इस तरह की संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिसिंग समाज में विश्वास को मजबूत करती है।

रिपोर्ट:कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।

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