टिहरी गढ़वाल।उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले से गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। थाना चंबा क्षेत्र अंतर्गत चंबा-कोटी नैल मोटर मार्ग पर एक यूटिलिटी पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं।घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

बताया जा रहा है कि सभी लोग हरिद्वार से अंतिम संस्कार कर लौट रहे थे। जिस व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए गए थे,मृतकों में उसका बेटा भी बताया जा रहा है।हादसा उस समय हुआ जब पिकअप वाहन चंबा से कोटी नैल की ओर जा रहा था। इसी दौरान वाहन चालक संतुलन खो बैठा और वाहन सड़क से फिसलकर सैकड़ों मीटर गहरी खाई में गिर गया। वाहन के खाई में गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पर दी।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और फायर सर्विस की टीमें बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
बताया जा रहा है कि वाहन में करीब 9 से 10 लोग सवार थे। अब तक रेस्क्यू टीमों द्वारा 2 घायलों को खाई से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा जा चुका है, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, अन्य यात्रियों की तलाश के दौरान 8 लोगों के मृत होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
घायलों के नाम:
- उत्तम पुत्र पुस्सू, उम्र 30, ग्राम लोस्तु बड़ियारगढ़।
- अंकित पुत्र आशा लाल, उम्र 22, ग्राम नेलचामी, घनसाली.

घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व टिहरी की कप्तान श्वेता चौबे खुद कर रही हैं। उनके निर्देशन में SDRF, पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
इस गंभीर हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल भी मौके पर पहुंच चुके हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का पूरा फोकस घायलों को जल्द से जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने पर है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि वाहन अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुटी टीमों का सहयोग किया। पहाड़ी क्षेत्र में ऐसे हादसे अक्सर सामने आते रहते हैं, जहां संकरी सड़कें और खतरनाक मोड़ दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मार्गों पर वाहनों की नियमित जांच, ड्राइवर की सतर्कता और सड़क सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल, चंबा-कोटी नैल मार्ग पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस हादसे से जुड़ी और भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
