नैनीताल कोर्ट में वकीलों का विरोध जारी, न्यायाधीश के खिलाफ बहिष्कार बरकरार, कल होगी अहम बैठक


नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं और प्रथम अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश/एनडीपीएस) के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को भी अधिवक्ताओं का विरोध थमता नजर नहीं आया और उन्होंने संबंधित न्यायालय का बहिष्कार जारी रखते हुए न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। इस घटनाक्रम से न्यायालय के कामकाज पर असर पड़ रहा है और कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि यह विरोध उनके सम्मान और अधिकारों से जुड़ा हुआ है, इसलिए जब तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्र हुए और न्यायिक कार्यों से विरत रहे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला जज ने अधिवक्ताओं की समस्याओं को सुनने और समाधान निकालने की पहल की है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला बार सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जिला जज के शामिल होने की सहमति भी मिल चुकी है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए विवाद का हल निकल सकता है।

अधिवक्ता समुदाय इस बैठक को बेहद अहम मान रहा है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि वार्ता सफल रहती है तो न्यायिक कार्य सामान्य हो सकते हैं, अन्यथा आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

इसी बीच अधिवक्ता समुदाय में शोक का माहौल भी देखने को मिला। अधिवक्ता भानु प्रताप मौनी की माता रुक्मणी मौनी (67) के निधन से पूरे बार में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन के कारण अधिवक्ताओं ने शोकसभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे दिन अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे।

उल्लेखनीय है कि भानु प्रताप मौनी के पिता स्वर्गीय प्रताप मौनी भी न्यायालय में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता रहे हैं, जिससे यह परिवार लंबे समय से न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा रहा है। उनके निधन को अधिवक्ता समुदाय ने एक बड़ी क्षति बताया है।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंह बिष्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा और कोर्ट का बहिष्कार भी चलता रहेगा।

वहीं बार सचिव संजय सुयाल ने भी सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार को होने वाली बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो अधिवक्ता इस मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

कुल मिलाकर, नैनीताल जिला न्यायालय में चल रहा यह विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। मंगलवार को होने वाली बैठक से काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। यदि इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो लंबे समय से जारी गतिरोध समाप्त हो सकता है। लेकिन यदि समाधान नहीं निकलता, तो आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक बढ़ सकता है, जिससे न्यायिक व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

अब सभी की नजरें मंगलवार को होने वाली इस अहम बैठक पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगी कि नैनीताल कोर्ट में चल रहा यह विवाद खत्म होगा या और लंबा खिंचेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *