उत्तरकाशी (उत्तराखंड): जनपद के डुंडा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा जुणगा के डांगड़ा तोक में सोमवार को एक आवासीय मकान में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। आग लगने की इस घटना से पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, डुंडा तहसील की पट्टी भंडारस्यूं स्थित जुणगा ग्राम सभा के डांगड़ा तोक में अचानक एक मकान से लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त घर में मौजूद महेश सिंह भंडारी और अनिल सिंह भंडारी (दोनों पुत्र शीशपाल सिंह भंडारी) आग की लपटों के बीच फंस गए। ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि दोनों भाई इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
प्रशासनिक रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल राहत कार्य के लिए निम्नलिखित टीमें रवाना की गईं:
- ब्रह्मखाल चौकी पुलिस: सबसे पहले मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों की मदद की।
- फायर सर्विस चिन्यालीसौड़: दमकल विभाग की गाड़ियों को आग पर काबू पाने के लिए भेजा गया।
- SDRF टीम: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ की टुकड़ी भी मौके पर पहुंची।
घायलों की स्थिति
आग में झुलसे दोनों घायलों, महेश सिंह भंडारी और अनिल सिंह भंडारी को 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से तुरंत प्राथमिक उपचार देते हुए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी ले जाया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों घायलों का उपचार किया जा रहा है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संपत्ति का भारी नुकसान
स्थानीय ग्रामीणों और अधिकारियों के मुताबिक, इस अग्निकांड में पीड़ित परिवार की जीवन भर की जमा पूंजी और घरेलू सामान जलकर राख हो गया है। मकान के ऊपरी हिस्से और अंदर रखे अनाज, कपड़ों और कीमती सामान को भारी क्षति पहुंची है। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट को इसका प्राथमिक कारण माना जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन का बयान
तहसील प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बचाव कार्य तेजी से चलाए गए और घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। राजस्व विभाग की टीम को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जा सके।
रिपोर्ट: कीर्ति निधि सजवान, उत्तरकाशी।
