देहरादून: चारधाम यात्रा में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थाओं पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा वर्तमान में अपने पूरे शबाब पर है। देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु बाबा केदार, बदरी विशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन, यात्रा के शुरूआती चरणों में ही भीड़ प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भीड़ के वीडियो और यात्रियों की शिकायतों ने अब प्रदेश में राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘व्यवस्थाओं की विफलता’ और ‘शोबाजी की सरकार’ करार दिया है।
सरकार का ध्यान सिर्फ शोबाजी पर: गणेश गोदियाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून में मीडिया से रूबरू होते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन हकीकत धरातल पर कुछ और ही नजर आ रही है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का ध्यान यात्रा की तैयारियों को पुख्ता करने के बजाय सिर्फ प्रचार-प्रसार और ‘शोबाजी’ पर केंद्रित रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब देश के प्रधानमंत्री शोबाजी में व्यस्त हों, तो प्रदेश के मुख्यमंत्री से और क्या उम्मीद की जा सकती है।”
सड़कों की हालत और अधूरे पुनर्निर्माण पर सवाल
गोदियाल ने मुख्यमंत्री के हालिया यात्रा दौरों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने का दावा किया, लेकिन यह केवल औपचारिकता मात्र थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री वाकई गंभीर थे, तो उन्हें उन कठिन पैचेज और दुर्गम रास्तों पर जाना चाहिए था, जो पिछले साल की आपदा के बाद से अभी तक बदहाल हैं। गोदियाल के अनुसार, आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और मूलभूत सुविधाओं का पुनर्निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जिसका खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है।
“पैसे पर नजर, सुविधाओं पर नहीं”
कांग्रेस नेता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन का पूरा ध्यान केवल इस बात पर है कि राजस्व कहाँ से आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने घोड़े-खच्चरों पर लगने वाले कर से होने वाली जिला पंचायत की बचत तक को खर्च कर दिया है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उनका कहना है कि सरकार सिर्फ आपदा और यात्रा के नाम पर बजट को इधर-उधर करने में लगी है।
सोशल मीडिया और मुकदमेबाजी की राजनीति
हाल के दिनों में चारधाम यात्रा के दौरान अव्यवस्थाओं के वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों पर हुई कानूनी कार्रवाई को लेकर भी गोदियाल ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे ‘तानाशाही’ करार देते हुए कहा कि अगर कोई यात्री या स्थानीय व्यक्ति अव्यवस्थाओं को उजागर करता है, तो सरकार उन पर मुकदमा दर्ज करके डराने और धमकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सच को दबाने की कोशिश से यात्रा की व्यवस्थाएं नहीं सुधरेंगी, बल्कि इससे प्रदेश की छवि ही खराब होगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सलाह
गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य श्रद्धालुओं के मन में डर पैदा करना या उन्हें पैनिक करना नहीं है, बल्कि सच्चाई से अवगत कराना है। उन्होंने देवभूमि आने वाले सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बहुत सावधानी से बनाएं। उन्होंने कहा, “श्रद्धालु जब भी आएं, तो पर्याप्त समय लेकर आएं क्योंकि मार्गों पर भीड़ और जाम की स्थिति बनी हुई है। अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ही आगे बढ़ें।”
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और आस्था की रीढ़ है। ऐसे में विपक्ष के इन आरोपों ने सरकार की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन खामियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है या यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होती है।
