भीमताल में विचित्र हादसा: शिकार करने निकला गुलदार बाइक के पहियों में फंसा, दो घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू


भीमताल के खुटानी में चलती बाइक के पहियों में फंसा गुलदार, घंटों थमा रहा ट्रैफिक; ऐसे हुआ रेस्क्यू

नैनीताल। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की खबरें अक्सर आती रहती हैं, लेकिन नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में मंगलवार शाम एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। जंगल का सबसे फुर्तीला और घातक शिकारी माना जाने वाला गुलदार (तेंदुआ) खुद एक सड़क हादसे का शिकार हो गया। खुटानी के पास शिकार की तलाश में झाड़ियों से सड़क पर झपट्टा मारने वाला यह गुलदार सीधे एक चलती बाइक से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गुलदार बाइक के निचले हिस्से और पहियों के बीच बुरी तरह फंस गया।

सड़क पर मच गया हड़कंप, लगा लंबा जाम

यह घटना भीमताल-भवाली रोड पर खुटानी के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। गनीमत रही कि बाइक सवार युवक समय रहते संभल गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन अपनी बाइक के नीचे एक विशालकाय गुलदार को फंसा देख वह गहरे सदमे में आ गया। सड़क के बीचों-बीच बाइक में फंसे और दर्द से कराहते गुलदार को देखकर राहगीरों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा की दृष्टि से राहगीर और वाहन चालक काफी दूर रुक गए, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई।

दो घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

गुलदार पहियों के बीच बुरी तरह फंसा होने के कारण दर्द से तिलमिला रहा था और लगातार आक्रामक रुख अपना रहा था। वह वहां से निकलने के लिए छटपटा रहा था, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी के नेतृत्व में वन विभाग की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची। गुलदार को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।

​भीड़ को नियंत्रित करना और गुलदार को बिना नुकसान पहुंचाए बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती थी। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, वन विभाग के विशेषज्ञों ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने का निर्णय लिया। ट्रेंकुलाइज गन की मदद से उसे बेहोश किया गया, जिसके बाद सावधानीपूर्वक उसे बाइक के पहियों और मशीनरी के बीच से बाहर निकाला जा सका।

रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा गया गुलदार

वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गुलदार को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। प्राथमिक जांच के बाद, गुलदार को उचित उपचार और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि संभवतः गुलदार किसी शिकार (जैसे जंगली सुअर या कुत्ता) के पीछे दौड़ रहा था। शिकार का पीछा करते हुए उसकी गति बहुत अधिक थी, और उसी दौरान वह अचानक सड़क पर आ गया और सीधे बाइक से टकरा गया।

क्षेत्र में दहशत का माहौल, सावधानी बरतने की अपील

इस विचित्र और डरावने हादसे की चर्चा पूरे भीमताल और आसपास के क्षेत्रों में हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आबादी वाले क्षेत्रों के पास वन्यजीवों की सक्रियता कितनी बढ़ गई है। भीमताल पुलिस और वन विभाग ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को विशेष रूप से रात के समय और अंधेरे में इन संवेदनशील मार्गों पर सावधानी से आवाजाही करने की सलाह दी है।

​फिलहाल, रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में डॉक्टरों की टीम गुलदार के स्वास्थ्य का गहन परीक्षण कर रही है। यह देखा जा रहा है कि हादसे में उसे कोई आंतरिक चोट तो नहीं आई है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उसे वापस सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण (जंगल) में छोड़ने पर विचार किया जाएगा। इस पूरी घटना के दौरान करीब दो घंटे तक भीमताल-भवाली मार्ग पर यातायात ठप रहा, जिसे रेस्क्यू के बाद पुलिस ने सुचारू करवाया।

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