प्यार बना हत्या की वजह: हरिद्वार के चर्चित राजवीर हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
हरिद्वार/बहादराबाद:कोतवाली बहादराबाद क्षेत्र के अंतर्गत बोंगला अंडरपास के पास पॉपलर के खेत में हुई राजवीर सिंह की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। यह मामला एक पेचीदा ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ था, जिसकी परतें जब खुलीं तो प्रेम प्रसंग और खौफनाक साजिश की कहानी सामने आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने इस मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की इस वारदात को मृतक की बेटी के प्रेमी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
शादी में बाधा बन रहा था पिता
पुलिस की गहन जांच और पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी पंकज कुमार, मृतक राजवीर सिंह की बेटी से प्रेम करता था। पंकज उससे शादी करना चाहता था, लेकिन युवती पहले से ही शादीशुदा थी। युवती का पिता राजवीर सिंह इस प्रेम संबंध के सख्त खिलाफ था और पंकज को अपनी बेटी के जीवन से दूर रहने की चेतावनी दे चुका था। पंकज को लगा कि जब तक राजवीर जीवित है, वह अपनी प्रेमिका के साथ नहीं रह पाएगा। इसी बाधा को हमेशा के लिए हटाने के लिए पंकज ने हत्या की साजिश रची और इसमें अपने साथी छोटेलाल को भी शामिल किया।

शराब के बहाने मौत के जाल में फंसाया
साजिश के तहत 26 अप्रैल की शाम को आरोपी पंकज ने राजवीर को अपनी बातों में फंसाया और शराब पीने के बहाने बहादराबाद क्षेत्र के बोंगला अंडरपास के पास स्थित एक पॉपलर के खेत में बुलाया। राजवीर आरोपियों की नीयत से अनजान था और उनके साथ चला गया। खेत में पहुँचकर तीनों ने साथ में शराब पी। जब राजवीर शराब के नशे में पूरी तरह धुत हो गया, तब आरोपियों ने अपने पास छिपाकर रखे हथौड़े से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। चोट इतनी घातक थी कि राजवीर की मौके पर ही मौत हो गई।
डिजिटल एविडेंस से पकड़े गए हत्यारे
27 अप्रैल को डायल 112 के माध्यम से पुलिस को खेत में शव पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के बेटे प्रियांशु की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और सबसे महत्वपूर्ण ‘डिजिटल एविडेंस’ (संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन) का बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच के दौरान पुलिस का शक पंकज पर गहराया। कलियर रोड स्थित एक अस्पताल के बाहर जब पुलिस ने संदिग्ध पंकज को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।

आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज कुमार और उसके सहयोगी छोटेलाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथौड़ा, घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक, मृतक का मोबाइल फोन, पर्स, एटीएम कार्ड और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि मृतक और दोनों आरोपी सिडकुल की अलग-अलग कंपनियों में काम करते थे, जिस कारण उनकी आपस में जान-पहचान थी।
पुलिस टीम की सफलता
एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 48 घंटों के भीतर सुलझाने पर जिले के आला अधिकारियों ने बहादराबाद पुलिस टीम की सराहना की है। यह घटना दर्शाती है कि आवेश और अवैध संबंधों का अंजाम कितना भयानक हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
